US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान ने दिए गए समय के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका उनके न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा।
इसी बीच उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शीत युद्ध के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ताकत के दम से शांति, सीधे शब्दों में कहें तो!!!" त युद्ध के दौरान रोनाल्ड रीगन ने "शक्ति के बल पर शांति”की बात कही थी।
ट्रंप की चेतावनी का ईरान ने क्या दिया जवाब?
ट्रंप की चेतावनी का ईरान ने भी जवाब दिया। ईरानी सैन्य कमान खातम अल-अंबिया ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर कोई हमला हुआ, तो क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के सभी ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा डिसेलिनेशन ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
बता दें कि ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सहित कई देशों ने ईरानी सेनाओं द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की वास्तविक बंदिश की कड़ी निंदा की है।
लंबा चल सकता है युद्ध: स्कॉट बेसेंट
इस युद्ध के अंत की कोई उम्मीद दिख नहीं रही क्योंकि अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया हैईरान के साथ युद्ध लंबा चल सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अमेरिकी सरकार के पास पर्याप्त धन है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते ईरान कमजोर हो रहा है और मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के कदम दुनिया को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
