ओबामा का मजाक उड़ाना ट्रंप को पड़ा भारी! आलोचना के बाद डिलीट किया पोस्ट; क्या है बंदर वाला मामला?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Feb 7, 2026, 12:29 PM IST
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को चिम्पैंजी के रूप में दिखाने वाला वीडियो भारी विवाद के बाद सोशल मीडिया से हटा दिया गया है। इस वीडियो को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों ने कड़ी आलोचना की। हालांकि ट्रंप ने इस पोस्ट के लिए माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलती नहीं की।
ट्रंप ने ओबामा दंपती का बंदर वाला चेहरा किया था पोस्ट।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को जंगल में चिम्पैंजी के रूप में दिखाने वाले वीडियो को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों की तीखी आलोचना के बाद सोशल मीडिया से हटा दिया गया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह इस पोस्ट के लिए माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा, ’’मैंने कोई गलती नहीं की।’’
यह पोस्ट बृहस्पतिवार रात ट्रंप के ’ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर साझा किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बाद में इसे एक कर्मचारी की गलती बताया। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पहले इसे ’’बेकार की नाराजगी’’ करार दिया था लेकिन भारी दबाव के बाद पोस्ट हटा दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
वीडियो में 2020 के चुनाव में वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ के झूठे दावों के बीच दो चिम्पैंजी के चेहरों पर ओबामा दंपति की तस्वीर नजर आ रही थी। 62 सेकंड की यह वीडियो क्लिप पहले भी एक कट्टरपंथी मीम निर्माता द्वारा साझा की जा चुकी थी। इसमें ट्रंप को ’’जंगल का राजा’’ दिखाया गया और जो बाइडन सहित कई डेमोक्रेटिक नेताओं को जानवरों के रूप में चित्रित किया गया है।
प्रमुख नागरिक अधिकार संगठन ने जाहिर की चिंता
’कांग्रेसनल ब्लैक कॉकस’ की प्रमुख यवेट क्लार्क ने इसे व्हाइट हाउस में ’’विषाक्त और नस्लवादी माहौल’’ का प्रमाण बताया। अमेरिका के सबसे पुराने और प्रमुख नागरिक अधिकार संगठन एनएएसीपी के अध्यक्ष डेरिक जॉनसन ने इसे घृणित बताते हुए कहा कि ट्रंप आर्थिक मुद्दों और जेफ्री एप्स्टीन मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपब्लिकन सीनेटर टिम स्कॉट और रोजर विकर सहित कई नेताओं ने पोस्ट को अस्वीकार्य बताया और माफी की मांग की। अमेरिका में अश्वेत लोगों को जानवरों से जोड़ने का नस्लवादी इतिहास रहा है, जिसका इस्तेमाल गुलामी और भेदभाव को उचित ठहराने के लिए किया जाता था। ओबामा पहले भी ऐसे अपमानजनक चित्रण का शिकार रह चुके हैं।
