US Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सेना ने शुक्रवार को ईरान पर नए और सीमित हमले किए, जिनमें इस्लामिक गणराज्य की एक वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया। ये हमले मंगलवार को अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद पहली सैन्य कार्रवाई है।
अमेरिका ने ईरान पर किया हमला
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेल की ढुलाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग में स्थित किश्म द्वीप के सुजा इलाके में दो विस्फोटों की आवाज सुनी गई। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में इस सैन्य कार्रवाई को ''मामूली'' बताया। ट्रंप ने शुक्रवार शाम फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच पहुंचने के कुछ ही देर बाद पत्रकारों से कहा, ''उन्होंने एक छोटा-सा एंटी एयरक्राफ्ट उपकरण तैयार किया था और हमने उसे लगभग 15 मिनट में, शायद पांच मिनट में ही नष्ट कर दिया।''
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले में किसे निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि जून 2025 में इजराइल की ओर से की गई बमबारी और मौजूदा संघर्ष के शुरुआती चरण में ईरान के ज्यादातर वायु रक्षा तंत्र नष्ट कर दिए गए थे या उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा था। अमेरिकी अधिकारियों का आकलन है कि ईरान समय के साथ इन प्रणालियों और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों को फिर से तैयार करने की कोशिश करेगा।
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सोमवार को भी अपने अभियान को रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए हमले करने की जानकारी दी थी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में किश्म और हेंगम द्वीपों के साथ ही पास के मुख्य भूभाग पर स्थित बंदर अब्बास इलाके में भी विस्फोटों की आवाज सुनी गई थी।अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद ट्रंप ने ईरान को ''तबाह'' करने की धमकी देने और युद्ध जल्द समाप्त होने का संकेत देने के बीच कई बार अपना रुख बदला है।
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इससे पहले शुक्रवार को ईरान और कतर अधिकारियों ने बताया कि ईरान, अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद दूर करने के उद्देश्य से मुख्य मध्यस्थ कतर की ओर से पेश किए गए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, एक अधिकारी ने जोर देकर कहा कि फिलहाल ईरान, ट्रंप प्रशासन के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है।
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, मध्यस्थों और ईरान के बीच एक संभावित अंतरिम समझौते पर चर्चा हुई है। इसका उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत का रास्ता तैयार करना है। उन्होंने बताया कि कतर के मध्यस्थों ने हाल में दोनों पक्षों के सामने जो प्रस्ताव रखा है, उसमें दो दिनों के दौरान विश्वास बहाली के उपाय लागू करने की बात कही गई है।
