IRCTC Tour Package 2026: दिवाली के बाद अगर आप परिवार के साथ किसी ऐसी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, जहां आस्था, अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिले, तो उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों की सैर शानदार विकल्प हो सकती है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या, मां गंगा और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी और पवित्र त्रिवेणी संगम के लिए प्रसिद्ध प्रयागराज की यात्रा आपको एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव दे सकती है।
इन तीनों धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए IRCTC एक विशेष टूर पैकेज लेकर आया है। 'वाराणसी एंड अयोध्या' (WMA64) नाम के इस पैकेज के तहत यात्रियों को 4 रात और 5 दिन में अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी घूमने का अवसर मिलेगा। यह यात्रा 28 नवंबर से 2 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है। यात्रा हवाई मार्ग से कराई जाएगी, जिससे कम समय में तीनों प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन किए जा सकेंगे।
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5 दिन का ट्रैवल प्लान
इस टूर पैकेज की सबसे बड़ी खासियत इसका यात्रा मार्ग है। इसमें उत्तर प्रदेश के तीन ऐसे शहर शामिल किए गए हैं, जिनका हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। अयोध्या में रामलला के दर्शन, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम का आध्यात्मिक अनुभव और वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ गंगा घाटों की दिव्यता को करीब से देखने का मौका मिलेगा।
अयोध्या दर्शन
अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। सरयू नदी के तट पर बसी इस प्राचीन नगरी का उल्लेख रामायण सहित अनेक धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां राम मंदिर के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। अयोध्या पहुंचकर आप राम जन्मभूमि मंदिर के अलावा हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की आध्यात्मिकता का अनुभव कर सकते हैं। शाम के समय सरयू तट पर होने वाली आरती और रोशनी से जगमगाते घाट यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
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प्रयागराज दर्शन
इस यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव प्रयागराज है। इसे तीर्थराज भी कहा जाता है। यहां गंगा, यमुना और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अदृश्य सरस्वती का संगम होता है। त्रिवेणी संगम हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में गिना जाता है। प्रयागराज की यात्रा के दौरान संगम पर नौका विहार, धार्मिक अनुष्ठान और प्रमुख मंदिरों के दर्शन का अनुभव लिया जा सकता है। यहां की आध्यात्मिकता और ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराती है।
वाराणसी दर्शन
वाराणसी इस यात्रा का एक ऐसा पड़ाव है, जहां धर्म, दर्शन, परंपरा और संस्कृति एक साथ नजर आते हैं। काशी के नाम से प्रसिद्ध यह शहर दुनिया के सबसे प्राचीन निरंतर बसे शहरों में गिना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, काशी में प्राण त्यागने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन, दशाश्वमेध घाट की भव्य गंगा आरती और गंगा नदी में नौका विहार का अनुभव लिया जा सकता है। वाराणसी की संकरी गलियां, प्राचीन मंदिर, घाट और बनारसी खानपान भी इस यात्रा को खास बनाते हैं।
टूर पैकेज की डिटेल
- टूर पैकेज का नाम: वाराणसी एंड अयोध्या (WMA64)
- यात्रा की अवधि: 4 रात और 5 दिन
- घूमने की जगहें: अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी
- यात्रा का माध्यम: हवाई मार्ग
- प्रस्थान की तारीख: 28 नवंबर 2026
- यात्रा की अंतिम तारीख: 2 दिसंबर 2026
दिवाली के बाद आध्यात्मिक पर्यटन का मौका
दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के बाद नवंबर के आखिर में धार्मिक यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए यह टूर पैकेज एक अच्छा विकल्प हो सकता है। पांच दिनों में उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख तीर्थस्थलों को देखने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर उन परिवारों और श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा उपयोगी हो सकती है, जो अलग-अलग यात्राओं की योजना बनाने के बजाय एक ही टूर में अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी के दर्शन करना चाहते हैं।
