Donald Trump on Iran: ईरान पर सैन्य कार्रवाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सही ठहराया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई सही और जरूरी थी। परमाणु हथियारों से लैस आतंकी शासन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी समर्थक देश है। ट्रंप ने रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी सेना और पुलिस से हथियार डालने की अपील, नहीं तो कठोर परिणाम की चेतावनी दी। ट्रंप ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमले का दावा किया। साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम और नौ जहाज नष्ट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई की मौत और ईरान के सैन्य नेतृत्व के खत्म हो की कगार पर है। अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप क्या-क्या कहा
ये कदम सही हैं और ये जरूरी हैं ताकि अमेरिकियों को कभी भी परमाणु हथियारों से लैस और तमाम धमकियों से ग्रस्त किसी कट्टरपंथी, खूनी आतंकवादी शासन का सामना न करना पड़े। लगभग 50 वर्षों से ये दुष्ट चरमपंथी 'अमेरिका मुर्दाबाद' या 'इजराइल मुर्दाबाद' या दोनों के नारे लगाते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला करते रहे हैं। ये दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद प्रायोजक हैं... ये असहनीय धमकियां अब और नहीं चलेंगी। मैं एक बार फिर रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी सेना और पुलिस से अपील करता हूं कि वे अपने हथियार डाल दें और पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करें अन्यथा निश्चित मृत्यु का सामना करना पड़ेगा... मैं स्वतंत्रता के लिए तरसने वाले सभी ईरानी देशभक्तों से आह्वान करता हूं कि वे इस क्षण का लाभ उठाएं, बहादुर बनें, साहसी बनें, वीर बनें और अपने देश को वापस लें। अमेरिका आपके साथ है। मैंने आपसे एक वादा किया था और मैंने वह वादा पूरा किया है।
पिछले 36 घंटों से संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चला रहे हैं... हमने ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने और ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। अभी-अभी यह घोषणा की गई है कि हमने नौ जहाजों और उनके नौसैनिक भवन को नष्ट कर दिया है... ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई है। कल रात, ईरान भर में, उनकी मौत की घोषणा होने पर ईरानी जनता की आवाजें सड़कों पर खुशी और जश्न मनाते हुए सुनाई दे रही थीं। पूरा सैन्य कमान भी ध्वस्त हो चुका है, और उनमें से कई अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं... इस समय युद्ध अभियान पूरी ताकत से जारी है, और ये तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारे सभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाते...अमेरिका अब फिर से दुनिया का सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली राष्ट्र है... लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों से लैस ईरानी शासन हर अमेरिकी के लिए एक गंभीर खतरा होगा। हम ऐसे राष्ट्र को, जो आतंकवादी सेनाओं को खड़ा करता है, ऐसे हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते, जो उन्हें दुनिया को अपनी बुरी इच्छाओं के लिए मजबूर करने की अनुमति देंगे। हम ऐसा होने नहीं देंगे। हमारे साथ ऐसा नहीं हो रहा है, और हम दूसरों के साथ भी ऐसा नहीं होने देंगे।
ट्रंप ने कहा- चार हफ्ते लगेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ संघर्ष अगले चार हफ्तों तक जारी रह सकता है। यह जानकारी डेली मेल अखबार ने रविवार को दी। ब्रिटिश अखबार ने ट्रंप के हवाले से कहा, हमने अनुमान लगाया था कि इसमें लगभग चार हफ्ते लगेंगे। यह हमेशा से लगभग चार हफ्तों की प्रक्रिया रही है - ईरान जितना शक्तिशाली है, एक बड़ा देश है, इसलिए इसमें चार हफ्ते - या उससे भी कम समय लगेगा।
