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भूटान की ये 10 बातें आपको चौंका देंगी, दुनिया में ऐसा कहीं नहीं होता

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 8, 2023, 01:24 PM IST

भूटान एक रहस्यमयी देश भी है और यहां की कई बातें आपको हैरान कर सकती है। बहुत से लोग इसे करामाती और एक परी कथा जैसा बताते हैं।

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Bhutan Unknown Facts

Photo : ANI

Unknown Facts of Bhutan: भारत के पड़ोस में स्थित भूटान से भला कौन वाकिफ नहीं होगा। भारत और भूटान की दोस्ती एक अटूट संबंध का उदाहरण है। इस सुंदर देश की यात्रा करने भारत से लाखों लोग हर साल यहां पहुंचते हैं। दक्षिण पूर्व एशिया में पूर्वी हिमालय में स्थित ये एक लैंडलॉक देश है। भूटान एक रहस्यमयी देश भी है और यहां की कई बातें आपको हैरान कर सकती है। बहुत से लोग इसे करामाती और एक परी कथा जैसा बताते हैं। भूटान के बारे में कुछ ऐसे ही रोचक तथ्य आपको बता रहे हैं।

एकमात्र कार्बन नेगेटिव देश

भूटान दुनिया का एकमात्र कार्बन नेगेटिव देश है, जिसका अर्थ है कि यह जितना कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करता है उससे अधिक अवशोषित करता है। हालांकि जलाऊ लकड़ी और औद्योगिक विकास भूटान के लिए परेशानी का सबब बना है, जिससे सालाना लगभग 2.2 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का प्रदूषण और उत्सर्जन हुआ है। लेकिन इसके हरे-भरे जंगल कार्बन सिंक के रूप में काम करते हैं और अधिकांश कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। यही कार्बन नेगेटिव है।

1974 तक दुनिया से अलग-थलग था

1974 तक भूटान पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग था। जब मीडिया को नए राजा के राज्याभिषेक को कवर करने की अनुमति दी गई, तभी ये देश चर्चा में आया।

1999 से पहले भूटान में नहीं थे टेलीविजन

1999 से पहले भूटान में टेलीविजन सेट नहीं आए थे। आप सोचेंगे कि भूटानी इतने लंबे समय तक बिना टीवी के कैसे रहे? भूटान ने 1999 में टीवी पेश किया। इसे इसलिए प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि भूटानी सरकार को डर था कि यह देश में बौद्ध जीवन शैली को दूषित कर देगा। पहला शो प्रसारण फ्रांस में 1998 के विश्व कप फाइनल का था।

ट्रैफिक लाइट भी नहीं

भूटान में सड़कें बेहद खतरनाक हैं। इन सड़कों पर गाय-भैंस जैसे जानवरों के झुंड खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं। भूटानी बहुत धीरे और सावधानी से गाड़ी चलाते हैं, इसलिए यहां ट्रैफिक लाइट की जरूरत ही नहीं होती है।

राजा की सादगी और ईमानदारी

गंदी राजनीति और भ्रष्टाचार के दौर में भूटान में ईमानदारी देखने को मिलती है। यहां के राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की सादगी और ईमानदारी प्रेरणादायी है। उन्होंने लोकतंत्र का समर्थन किया और 2005 में एक संविधान की स्थापना के साथ यहां चुनाव हुए। उन्होंने भूटान को एक संवैधानिक राजतंत्र में बदल दिया।

भूटान में GDP विकास का पैमाना नहीं

भूटान जीडीपी को आर्थिक वृद्धि और विकास के संकेतक के रूप में नहीं मानता है। इसने सकल राष्ट्रीय खुशी के रूप में जाना जाने वाला अपना ही एक पैमाना तैयार किया है। भूटानी लोगों के पास GNH के पैमाने के लिए सतत विकास, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और संवर्धन, सुशासन और स्वस्थ वातावरण जैसे चार स्तंभ या संकेतक हैं।

प्लास्टिक बैग पर पाबंदी

भूटान में प्लास्टिक बैग पर पाबंदी है। पहला प्लास्टिक बैग प्रतिबंध 1999 में लागू किया गया था। हालांकि, 2005 और 2009 में इसे दो बार फिर से लागू करने के बाद भी विकल्पों की कमी के कारण यह विफल रहा। भूटान में कचरे के प्रबंधन मद्देनजर 2019 में फिर लागू किया गया। नागरिकों को जागरूक करने के लिए होममेड कैरी बैग, जूट बैग और हाथ से बुने बैग इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।

पारो दुनिया का सबसे खतरनाक एयरपोर्ट

पारो (Paro) को पूरी दुनिया में लैंड करने के लिहाज से सबसे खतरनाक एयरपोर्ट के तौर पर जाना जाता है। केवल 8 प्रशिक्षित पायलटों को ही यहां लैंडिंग की अनुमति है।

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान बैन

भूटान में सार्वजनिक स्थानों जैसे सिनेमा हॉल, रेस्तरां, सड़कों पर धूम्रपान और तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। धूम्रपान करने वालों के लिए अलग निर्दिष्ट क्षेत्र बनाए गए हैं, और अगर कोई कानून तोड़ता पकड़ा जाता है, तो 3 से 5 साल तक की सजा हो सकती है।

नए साल पर सबका जन्मदिन

भूटान के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि नए साल के दिन सभी नागरिक आधिकारिक तौर पर एक साल के हो जाते हैं। अगर लोग अपना जन्मदिन भूल जाते हैं, तो उन्हें नए साल के दिन इसे मनाकर तारीख याद करने में आसानी होती है।

भूटान को कभी जीता नहीं गया

भूटान पर कभी भी किसी बाहरी देश या शासक का शासन नहीं रहा। इसके दुर्गम क्षेत्र और विभिन्न राजाओं और गुरुओं द्वारा इस्तेमाल किए गए चतुर फैसलों और रणनीति के कारण कोई इसे जीत नहीं सका। भूटानी शासकों ने भारत और नेपाल में अपने आधार का विस्तार करते समय ब्रिटिशों के साथ स्मार्ट सौदे किए थे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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