जींद जिले के उचाना के राजकीय स्कूल की छात्राओं ने महिला आयोग दिल्ली, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम 5 पेज का पत्र लिखा था। इसमें छात्राओं ने खुलासा किया था कि उनके स्कूल का प्रिंसिपल करतार सिंह उन्हें प्रिंसिपल रूम में बुलाकर उनके साथ गंदी हरकतें करता है। उनके साथ छेड़छाड़ करता है। प्रिंसिपल ने अपने कार्यालय में काले शीशे का दरवाजा लगाया हुआ है।
इसमें अंदर से बाहर की तरफ सब दिखता है लेकिन बाहर से अंदर कुछ नहीं दिखता। यहां छात्राओं को बुलाकर अश्लील बात करता था, यदि कोई आता दिख जाए तो बात को घुमा देता था।
इस शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने जब छात्राओं से बात की तो वे प्रिंसिपल की हरकतें बताते हुए अपने आंसू भी नही रोक पाई। जिला स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद स्कूल के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा अधिकारी अब मामले की उच्च स्तरीय जांच के पक्ष में हैं।
इस बारे में जींद के डीसी का कहना है कि चिट्ठी मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
