Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में सीजफायर के प्रयास गुरुवार को विफल होते हुए दिखाई दिए। इस बीच, ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक जवाब भेजा है। दरअसल, ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर चेताया कि ईरानी नेताओं को बहुत देर होने से पहले बातचीत शुरू कर देनी चाहिए।
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि अमेरिका की ओर से दिए गए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर ईरान ने बीती रात को मध्यस्थों के जरिए अपना जवाब आधिकारिक तौर पर भेज दिया है और अब वह दूसरी तरफ की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
युद्ध हर्जाने की मांग
बकौल सूत्र, ईरान ने अपने जवाब में साफ किया है कि दुश्मन की आक्रामकता और आतंकी कार्रवाई तत्काल बंद होनी चाहिए। साथ ही ऐसी ठोस परिस्थितियां बनाई जाएं, जिससे भविष्य में युद्ध दोबारा न हो। ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और मुआवजे की गारंटी की भी मांग की है, साथ ही जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय करने पर जोर दिया है।
सूत्र ने बताया कि ईरान ने अपने जवाब में कहा कि युद्ध का अंत सभी मोर्चों पर लागू होना चाहिए और इस संघर्ष में शामिल पूरे क्षेत्र के सभी 'रेजिस्टेंस ग्रुप्स' पर भी यह लागू होना जरूरी है। इसके अलावा, उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान की संप्रभुता उसका स्वाभाविक और कानूनी अधिकार रहा है और रहेगा। यह अधिकार दूसरी तरफ की प्रतिबद्धताओं के पालन की गारंटी भी है और इसे मान्यता दी जानी चाहिए।
सूत्र ने यह भी बताया कि ईरान की ये शर्तें उन मांगों से अलग हैं, जो उसने मार्च में अमेरिका और इजरायल के हमले से पहले जेनेवा में हुई दूसरी दौर की बातचीत के दौरान रखी थीं।
ट्रंप ने ईरान को वार्ता को लेकर सीरियस होने की दी सलाह
इस बीच, ट्रंप ने ईरान को वार्ता को लेकर सीरियस होने की सलाह दी। उन्होंने 'ट्रूथ' पर एक पोस्ट में कहा कि ईरानी नेताओं को बहुत देर होने से पहले बातचीत शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि एक बार ऐसा हो जाने पर, पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं होगा। यह पोस्ट ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद की गई है जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश समझौते के करीब हैं।
