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तारिक रहमान बने बीएनपी के अध्यक्ष; मां खालिदा जिया की विरासत संभालने की होगी चुनौती

हाल ही में 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी मां और पार्टी अध्यक्ष खालिदा जिया के निधन के कुछ दिन बाद यह नियुक्ति की गई। फरवरी में होने वाले चुनाव में सत्ता हासिल करने की दौड़ में बीएनपी प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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तारिक रहमान बने बीएनपी के अध्यक्ष (फोटो: BNP)

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी मां खालिदा जिया के निधन के बाद से पार्टी अध्यक्ष का पद खाली था। शुक्रवार को हुई एक बैठक में बीएनपी की स्थायी समिति ने तारिक रहमान को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त करने को मंजूरी दी। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद इस बारे में जानकारी दी। बाद में, बीएनपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भी इस बारे में जानकारी दी।

30 दिसंबर से खाली था पार्टी अध्यक्ष का पद

बीएनपी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय नेता बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था। बीएनपी के संविधान के अनुरूप राष्ट्रीय स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें तारिक रहमान को सर्वसम्मति से रिक्त पद पर नियुक्त किया गया और औपचारिक रूप से बीएनपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

30 दिसंबर को हो गया था निधन

गौरतलब है कि तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकीं और बीएनपी की प्रमुख नेता खालिदा जिया का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।खालिदा जिया केवल चार दशकों से बीएनपी की नेता ही नहीं थीं,बल्कि वे पार्टी की पहचान,एकता और वैचारिक धुरी थीं। खालिदा जिया ने बीएनपी को एक जन आधारित पार्टी बनाया। पार्टी के भीतर मतभेद होते या कैसी भी स्थिति होती,लेकिन अंतिम निर्णय उन्हीं का माना जाता था। वे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए सिर्फ नेता नहीं,बल्कि एक भावनात्मक प्रतीक थीं।

तारिक रहमान पीएम पद के बड़े दावेदार

पार्टी के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए तारिक रहमान (60) आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। उन्हें 2002 में बीएनपी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया गया था और 2009 में वह वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने। 2018 में जब खालिदा जिया को जेल में रखा गया था, तब रहमान को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। तारिक रहमान, खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। वे लंबे समय तक पार्टी के रणनीतिक फैसलों में शामिल रहे हैं, लेकिन बीते 17 वर्षों तक ब्रिटेन में निर्वासन के कारण वे जमीनी राजनीति से दूर रहे। हाल ही में उनकी बांग्लादेश वापसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा जरूर भरी है।

आगामी चुनाव में बीएनपी हासिल कर सकती है सत्ता

फरवरी में होने वाले चुनाव में सत्ता हासिल करने की दौड़ में बीएनपी प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। बांग्लादेश की राजनीति पर बेहद नजदीकी से नजर रखने वाले विशेषज्ञ इस स्थिति को बीएनपी और खास कर तारिक रहमान के लिए 50-50 संभावना देखते हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि हाल ही में देश वापस लौटे तारिक रहमान के लिए ये हालात बहुत सही नहीं हैं। उन्हें नेतृत्व और पार्टी में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उनका ये भी कहना है कि खालिदा के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान को जनका का व्यापक समर्थन और सहानुभूति मिल सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि तारिक अपने पुराने समर्थकों को जोड़े रखें और हालात के हिसाब से चुनावी रणनीति बनाएं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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