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Ban On Burqa: स्विट्जरलैंड में बुर्का पर लगी पाबंदी, कानून तोड़ने की सजा 1100 डॉलर

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 21, 2023, 06:12 PM IST

2021 में स्विस मतदाताओं ने देश में कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले नकाब और बुर्के से चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

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स्विट्जरलैंड में बुर्का बैन

Photo : AP

Ban On Burqa: स्विट्जरलैंड में मुस्लिम समुदाय को बड़ा झटका देते हुए संसद के निचले सदन ने बुधवार को बुर्का प्रतिबंध के पक्ष में मतदान किया। कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्के जैसे चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध का बिल था। नियम का उल्लंघन करने पर 1,000 फ़्रैंक (लगभग $1,100) तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है। नेशनल काउंसिल ने इस कानून के पक्ष में 151-29 से मतदान किया, जिसे सीनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। जनमत संग्रह दक्षिणपंथी, लोकलुभावन स्विस पीपुल्स पार्टी द्वारा पारित किया गया और मध्यमार्गियों और ग्रीन्स की आपत्तियां खारिज हो गईं।

सार्वजनिक स्थानों और निजी इमारतों में प्रतिबंध

यह स्विस कानून अब लोगों को पूजा स्थलों जैसे कुछ अपवादों को छोड़ दें तो सार्वजनिक स्थानों और निजी इमारतों में नाक, मुंह और आंखों को ढंकने से रोकता है। स्विट्जरलैंड में कुछ महिलाएं बुर्का की तरह पूरा चेहरा ढंकती हैं, जिसे कई मुस्लिम देशों में पहना जाता है।

नारीवादी संगठनों ने किया था विरोध

2021 में स्विस मतदाताओं ने देश में कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले नकाब और बुर्के से चेहरे को ढंकने पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी स्की मास्क और बंदना पहनकर सड़कों पर उतर आए थे। कई नारीवादी संगठनों ने प्रतिबंध का विरोध किया था। उनका तर्क था कि इस पर वोट देना जनता पर निर्भर है। पर्पल हेडस्कार्व्स फेमिनिस्ट मुस्लिम वूमेन ग्रुप की प्रवक्ता इनेस एल-शिख ने कहा कि यह बेकार, नस्लवादी और लिंगवादी है। उन्होंने एएफपी को बताया कि 2021 में स्विस संविधान में महिलाओं को उनकी इच्छानुसार कुछ भी पहनने से रोकने अस्वीकार्य माना गया था।

बुर्के पर प्रतिबंध महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि उनके खिलाफ लगाया गया है। चाहे हम मिनी स्कर्ट में हों, बुर्के में हों या टॉपलेस हों, हम जो चाहते हैं वह खुद के लिए चुनने में सक्षम होना है। राष्ट्रीय कानून स्विट्जरलैंड को बेल्जियम और फ्रांस जैसे देशों की कतार में खड़ा कर देगा जिन्होंने इसी तरह के कानून लागू किए हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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