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होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव; सिंगापुर के जहाज पर ईरान का हमला, UN ने रोका जहाजों का मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन

Iran Revolutionary Guard Drone Strike: होर्मुज जलडमरूमध्य में सिंगापुर के मालवाहक जहाज 'एवर लवली' पर ईरान ने ड्रोन हमला किया है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की समुद्री एजेंसी IMO ने अपना रेस्क्यू अभियान रोक दिया है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव; सिंगापुर के जहाज पर ईरान का हमला, UN ने रोका जहाजों का मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन (AP)

Strait of Hormuz Ship Attack: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बहाल हो रही शांति को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ओमान की खाड़ी के पास एक मर्चेंट कंटेनर जहाज पर मिसाइल/ड्रोन से हमला किया गया है, जिसके बाद खाड़ी देशों में युद्ध के बादल दोबारा मंडराने लगे हैं। इस ताजा हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था (IMO) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए क्षेत्र से जहाजों और अंतरराष्ट्रीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपनी मुहिम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

सिंगापुर के जहाज 'Ever Lovely' को बनाया निशाना

ब्रिटिश नौसेना की विंग 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) और एम्ब्रे (Ambrey) के अनुसार, हमला सिंगापुर के झंडे वाले और ताइवान की एवरग्रीन कंपनी द्वारा संचालित विशाल मालवाहक जहाज 'एवर लवली' (Ever Lovely) पर हुआ। जहाज जब होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर ओमान के तटीय शहर 'दाशित' से करीब 7.5 नॉटिकल मील दूर दक्षिण-पूर्व में बढ़ रहा था, तभी उसके दाहिने हिस्से (Starboard Side) पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल आकर गिरा। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस और फॉक्स न्यूज से पुष्टि की है कि यह हमला ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के एक सैन्य ड्रोन द्वारा किया गया है। हमले में जहाज के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि कोई भी क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने क्यों रोका अपना मिशन?

इस हमले के बाद इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज (Arsenio Dominguez) ने आपातकालीन बयान जारी करते हुए कहा, 'जहाज पर हमले की जानकारी मिलने के बाद मैंने निकासी प्रक्रिया (Evacuation Operation) को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला किया है। हम तब तक इस अभियान को आगे नहीं बढ़ाएंगे जब तक हमारी लिस्ट में शामिल जहाजों और नाविकों के लिए तटीय देशों से जरूरी सुरक्षा गारंटी दोबारा सुनिश्चित नहीं हो जाती। हालांकि, जिस जहाज (एवर लवली) पर हमला हुआ, वह हमारे रेस्क्यू रूट का हिस्सा नहीं था।'

दरअसल, पिछले दिनों ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद आईएमओ और ओमान सरकार ने एक सुरक्षित कॉरिडोर (इमरजेंसी रूट) बनाकर खाड़ी में हफ्तों से फंसे सैकड़ों जहाजों और करीब 11,000 अंतरराष्ट्रीय नाविकों को धीरे-धीरे बाहर निकालने का काम शुरू किया था, जिस पर अब ब्रेक लग गया है।

'हमारी मर्जी के बिना रूट बदला तो अंजाम भुगतो'- ईरान

यह हमला तब हुआ जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना शाखा ने सरेआम चेतावनी जारी की थी। ईरान की नवनिर्मित संस्था 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए केवल वही रूट वैध है जिसकी घोषणा ईरान ने की है। ईरान की मंजूरी के बिना ओमान के तट के समानांतर बनाए गए किसी भी नए शिपिंग रूट का इस्तेमाल खतरनाक होगा और उसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होगी।

इस हमले से ठीक पहले खाड़ी देशों के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज में जहाजों का रास्ता रोकने या उन पर हमला करने की कोशिश की, तो अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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