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अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप की संख्या 250 के पार, इसरो चेयमैन ने कही यह बड़ी बात

Space Sector: इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ (S Somnath) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में निजी क्षेत्र और स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2014 में जहां अंतरिक्ष से संबंधित सिर्फ एक स्टार्टअप था, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 250 से ज्यादा हो गई है।

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इसरो प्रमुख एस सोमनाथ (फाइल फोटो)

Space Sector: इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ (S Somnath) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में निजी क्षेत्र और स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इनकी मदद से देश वैश्विक बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।

इसरो प्रमुख ने क्या कुछ कहा?

एस सोमनाथ तिरुवनंतपुरम में केरल स्टार्टअप मिशन के कार्यक्रम 'हडल ग्लोबल 2024' में 'इसरो के विजन और भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों के उदय' पर कहा कि एक स्वीकृत अंतरिक्ष ताकत होने के बावजूद, वैश्विक कारोबार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ दो प्रतिशत यानी 386 अरब अमेरिकी डॉलर है। भारत की योजना इसे 2030 तक 500 अरब डॉलर और 2047 तक 1,500 अरब डॉलर तक बढ़ाने की है।

निजी क्षेत्र के लिए व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास सिर्फ 15 परिचालन अंतरिक्ष उपग्रह हैं, जो अपेक्षाकृत कम है। सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की विशेषज्ञता और उपग्रह निर्माण कंपनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देश अंतरिक्ष में कम से कम 500 उपग्रह रखने की क्षमता रखता है।

तेजी से बढ़ी स्टार्टअप की संख्या

केएसयूएम ने एक बयान जारी कर सोमनाथ के हवाले से कहा, ''अब बाजार में कई निजी इकाइयां उभर रही हैं, जिनके पास उपग्रहों का निर्माण करने और उन्हें कक्षा में स्थापित करने की क्षमता है और यहां तक कि निजी ‘लॉन्चपैड’ भी बन रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि 2014 में जहां अंतरिक्ष से संबंधित सिर्फ एक स्टार्टअप था, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 250 से ज्यादा हो गई है। अकेले 2023 में, अंतरिक्ष स्टार्टअप खंड ने 1,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया।

(इनपुट: भाषा)

अनुराग गुप्ता
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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