दुनिया

पीएम मोदी पहुंचे कोलंबो, भारी बारिश के बीच श्रीलंका के मंत्रियों और भारतीय प्रवासियों ने किया स्वागत

PM Modi's Sri Lanka Visit: बैंकाक की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी श्रीलंका की राजधानी पहुंचे हैं। इस दौरान श्रीलंका के मंत्रियों और भारतीय प्रवासियों ने भारी बारिश के बीच उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यह द्वीपीय देश आर्थिक संकट से उबरने के संकेत दे रहा है।

Image

पीएम मोदी के कोलंबो पहुंचने पर भारी बारिश के बीच हुआ भव्य स्वागत।

PM Modi Visit Sri Lanka: सैकड़ों स्थानीय लोगों और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने भारी बारिश के बावजूद शनिवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोलंबो में भव्य स्वागत किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर पीएम मोदी बैंकॉक से राजकीय यात्रा पर यहां पहुंचे हैं।

पीएम मोदी के कोलंबो पहुंचने पर भारी बारिश के बीच हुआ भव्य स्वागत

श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिसा, श्रम मंत्री अनिल जयंता, मत्स्य पालन मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर, महिला एवं बाल मामलों की मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री क्रिशांथा अबेसेना सहित दिसानायके मंत्रिमंडल के शीर्ष मंत्रियों ने कोलंबो के भंडारनायके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इस दौरान श्रीलंका की राजधानी में भारी बारिश के बीच लोग हवाई अड्डे के बाहर और होटल में पीएम मोदी की एक झलक के लिए इंतजार करते रहे।

श्रीलंका के कोलंबो पहुंचते ही पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री मोदी बैंकॉक में 'बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल' (बिम्सटेक) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद सीधे द्वीपीय देश की यात्रा पर पहुंचे हैं। वह 6 अप्रैल को स्वदेश लौटेंगे। कोलंबो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "कोलंबो पहुंच गया हूं। हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने वाले मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों का आभारी हूं। श्रीलंका में होने वाले कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।"

भारत-श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग पर समझौता होने की उम्मीद

कोलंबो ने कहा है कि पिछले साल दिसंबर में दिसानायके की भारत की राजकीय यात्रा श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में उनकी पहली विदेश यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक "महत्वपूर्ण क्षण" थी। दोनों पड़ोसियों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके के पदभार संभालने के बाद उनके आतिथ्य में आने वाले पहले विदेशी नेता होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग पर समझौता होने की भी उम्मीद है।

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ चर्चा करेंगे और श्रीलंका के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान अपनाए गए 'साझा भविष्य के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने' के संयुक्त दृष्टिकोण में सहमत सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।

प्रधानमंत्री वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा संपर्क, डिजिटलीकरण, रक्षा, स्वास्थ्य और बहुक्षेत्रीय अनुदान सहायता से संबंधित कई समझौतों का आदान-प्रदान भी होगा। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को भारतीय वित्तीय सहायता से क्रियान्वित विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए दिसानायके के साथ अनुराधापुरा की यात्रा करने से पहले देश के अन्य राजनीतिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।

श्री महाबोधि मंदिर परिसर में श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे पीएम मोदी

अनुराधापुरा में दोनों नेता ऐतिहासिक जया श्री महाबोधि मंदिर परिसर में श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में श्रीलंका की अपनी यात्रा के दौरान इस मंदिर का दौरा भी किया था, जिसका भारत-श्रीलंका सभ्यतागत साझेदारी में विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद 2019 में फिर से श्रीलंका का दौरा किया।

मछुआरों से संबंधित सभी मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे दोनों देश के नेता

अपनी चर्चाओं के दौरान दोनों नेता मछुआरों से संबंधित सभी मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें भारतीय मछुआरों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं की शीघ्र रिहाई और प्रत्यावर्तन भी शामिल है।

भारत सरकार का कहना है कि उसने भारतीय मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को "सर्वोच्च प्राथमिकता" दी है और वह द्विपक्षीय तंत्रों, राजनयिक चैनलों और विभिन्न आधिकारिक बातचीत के माध्यम से इन मुद्दों को लगातार उठा रही है, जिसमें 16 दिसंबर 2024 को श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री की हालिया बैठक भी शामिल है। भारत ने श्रीलंका सरकार से बार-बार अनुरोध किया है कि वह मछुआरों के मुद्दे को मानवीय और आजीविका से संबंधित मुद्दे के रूप में देखे तथा किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग न करे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article