तूफान में इंडियन एयरफोर्स ने लगा दी पूरी जान, लेकिन फिर क्यों मदद के लिए चीन के पास पहुंचा श्रीलंका, जानें- पूरा मामला
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Dec 29, 2025, 05:51 PM IST
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने चीनी राजदूत क्वी झेनहोंग से भेंटकर चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुए पुलों और रेल पटरियों के पुनर्निर्माण में तत्काल सहायता देने का अनुरोध किया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हेराथ ने चीन से इलेक्ट्रिक वाहन ‘चार्जिंग पॉइंट’ स्थापित करने का भी आग्रह किया, क्योंकि श्रीलंका में चीन से आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
मदद के लिए चीन के पास पहुंचा श्रीलंका
Sri Lanka China News: श्रीलंका ने सोमवार को चीन से चक्रवात दित्वा के कारण क्षतिग्रस्त हो गये पुलों और रेलवे पटरियों के पुनर्निर्माण के लिए चीन से तत्काल सहायता की मांग की। नवंबर में चक्रवात के कारण इस द्वीपीय देश में व्यापक बाढ़ आयी, भूस्खलन हुए और बुनियादी ढांचे का गंभीर रूप से विनाश हुआ। देश की आपदा-कार्रवाई क्षमता पर भारी दबाव पड़ा।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने चीनी राजदूत क्वी झेनहोंग से भेंटकर चक्रवात से क्षतिग्रस्त हुए पुलों और रेल पटरियों के पुनर्निर्माण में तत्काल सहायता देने का अनुरोध किया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हेराथ ने चीन से इलेक्ट्रिक वाहन ‘चार्जिंग पॉइंट’ स्थापित करने का भी आग्रह किया, क्योंकि श्रीलंका में चीन से आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
चीन ने किया वादा
चीनी राजदूत ने श्रीलंका को उबरने और पुनर्निर्माण में मदद करने का वादा किया। बता दें कि चक्रवात के तुरंत बाद, चीन ने 10 लाख अमेरिकी डॉलर की नकद राशि और लगभग इतनी ही राशि की राहत सामग्री दान की थी।
638 लोगों की मौत
कोलंबो स्थित आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के अनुसार, श्रीलंका में भूस्खलन, बाढ़ और भारी बारिश के कारण व्यापक तबाही मची , जिसमें 16 नवंबर से अब तक 638 लोगों की मौत हो चुकी है और 175 लोग अब भी लापता हैं।
भारत ने भी की मदद
चक्रवात दितवाह से श्रीलंका को उबरने में मदद के लिए भारत ने 450 मिलियन डॉलर देने का वादा किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर कोलंबो गए थे। उन्होंने 23 दिसंबर सुबह यह घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात भी की थी।
भारत ने चलाया था ऑपरेशन
'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत, कोलंबो में भारतीय हाई कमीशन ने श्रीलंका सरकार की कोशिशों को मजबूत करने के लिए मानवीय सहायता, राहत सामग्री और मेडिकल मदद का इंतजाम किया और उसे बांटने में मदद की। जयशंकर ने कहा, 'भारतीय सेना ने कैंडी के पास 85 मेडिकल कर्मियों के साथ एक फील्ड हॉस्पिटल बनाया, जिसने 8,000 से ज्यादा लोगों को इमरजेंसी केयर दी।' इसके अलावा तूफान के कारण फंसे लोगों को इंडियन एयरफोर्स ने एयरलिफ्ट किया।