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भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधि 18 दिसंबर को बीजिंग में करेंगे वार्ता, द्विपक्षीय संबंधों की बहाली पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 24 अक्टूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में मुलाकात की थी और इस दौरान उन्होंने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और पीछे हटने के समझौते का समर्थन किया था, जिसके बाद से पूर्वी लद्दाख में तनातनी खत्म हो गई।

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भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधि के बीच होगी वार्ता (फोटो- @Canva)

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के पीछे हटने के लिए 21 अक्टूबर को हुए समझौते के बाद द्विपक्षीय संबंधों की बहाली पर चर्चा के लिए दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि बुधवार को बीजिंग में मिलेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोमवार को यहां बताया कि सहमति के अनुरूप केंद्रीय विदेश आयोग के कार्यालय के निदेशक वांग यी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 18 दिसंबर को बीजिंग में ‘चीन-भारत सीमा विवाद’ के लिए विशेष प्रतिनिधियों की 23वीं बैठक करेंगे।

डोभाल भी होंगे शामिल

ज्ञात सूत्रों के अनुसार, डोभाल महत्वपूर्ण वार्ता में भाग लेने के लिए मंगलवार को बीजिंग पहुंचेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आगे बढ़ने का रास्ता मिलने की उम्मीद है। भारत-चीन सीमा विवाद को निपटाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों के इस तंत्र ने पिछले कुछ वर्षों में 22 बार बैठकें की हैं। इस तंत्र का गठन 2003 में किया गया था। विशेष प्रतिनिधियों की यह बैठक पांच साल के अंतराल के बाद होगी। पिछली बैठक 2019 में हुई थी।

2020 से रिश्तों में तनाव

हालांकि सीमा विवाद को सुलझाने में सफलता नहीं मिली, लेकिन दोनों पक्षों के अधिकारी इसे दोनों देशों के बीच बार-बार होने वाले तनाव को दूर करने में एक बहुत ही आशाजनक, उपयोगी और आसान उपकरण मानते हैं। दोनों देशों के बीच रिश्तों पर अप्रैल 2020 से ही बर्फ जमी थी, जब चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की ओर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेजा था, जिससे दोनों देशों के बीच सबसे लंबे समय तक सैन्य गतिरोध बना रहा।

भाषा की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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