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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के खिलाफ चल सकता है महाभियोग, खुद की पार्टी में शुरू हुआ विरोध

South Korean President News: सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख हान ने दावा किया है कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि यून ने मार्शल लॉ के दौरान देश के डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांडर को राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर प्रमुख राजनेताओं को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का आदेश दिया था।

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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के खिलाफ चल सकता है महाभियोग।

Photo : AP

South Korean President News: दक्षिण कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख ने मार्शल लॉ लागू करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रपति यून सुक येओल की संवैधानिक शक्तियों को निलंबित करने का समर्थन किया, जिससे यून के खिलाफ महाभियोग की संभावना बढ़ गई है। यून ने इस सप्ताह मार्शल लॉ लागू करने की घोषणा की थी लेकिन सांसदों ने मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया जिसके कारण यह सिर्फ छह घंटे तक प्रभावी रहा था।

विपक्षी दलों ने यून द्वारा लगाए गए अल्पकालिक मार्शल लॉ को असंवैधानिक, अवैध विद्रोह या तख्तापलट करार दिया और वे शनिवार को यून पर महाभियोग के लिए संसद में मतदान के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि, महाभियोग प्रस्ताव पारित करने को लेकर आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने के लिए उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

प्रमुख राजनेताओं को गिरफ्तार करने का दिया था आदेश

दक्षिण कोरिया में सत्तारूढ़ पार्टी की एक बैठक के दौरान पीपुल पावर पार्टी के नेता हान डोंग-हुन ने यून के राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों और शक्तियों को तत्काल निलंबित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वह दोबारा मार्शल लॉ लगाने जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं जो कोरिया गणराज्य और उसके नागरिकों को खतरे में डाल सकता है। हान ने कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि यून ने मार्शल लॉ के दौरान देश के डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांडर को राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर प्रमुख राजनेताओं को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का आदेश दिया था। हान ने कहा है कि मेरा मानना है कि कोरिया गणराज्य और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति यून सुक येओल की आधिकारिक शक्तियों को तत्काल निलंबित करना आवश्यक है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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