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एक और पश्चिम अफ्रीकी देश में तख्तापलट! राष्ट्रपति को पद से हटाने का दावा; सरकार ने नकारा

Benin Coup: बेनिन में सैनिकों के एक समूह ने सरकारी टीवी पर संबोधन के जरिये सरकार के तख्तापलट की घोषणा की। पश्चिम अफ्रीकी देशों में सिलसिलेवार तरीके से तख्तापलट हो रहे हैं। इस सिलसिले में यह सबसे ताजा मामला है। खुद को ‘मिलिट्री कमेटी फॉर रीफाउंडेशन’ कहने वाले सैनिकों के समूह ने रविवार को राष्ट्रपति को हटाए जाने की घोषणा की।

Benin Military Takeover

एक और अफ्रीकी देश में तख्तापलट (फोटो साभार: AP)

Photo : AP

Benin Coup: बेनिन में सैनिकों के एक समूह ने सरकारी टीवी पर संबोधन के जरिये सरकार के तख्तापलट की घोषणा की, जबकि सरकार का कहना है कि तख्तापलट की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। पश्चिम अफ्रीकी देशों में सिलसिलेवार तरीके से तख्तापलट हो रहे हैं। इस सिलसिले में यह सबसे ताजा मामला है। खुद को ‘मिलिट्री कमेटी फॉर रीफाउंडेशन’ कहने वाले सैनिकों के समूह ने रविवार को राष्ट्रपति को हटाए जाने की घोषणा की।

क्या तख्तापलट की कोशिश हुई नाकाम?

गृह मंत्री ने फेसबुक पर एक वीडियो में तख्तापलट की कोशिशों को नाकाम करने का दावा किया। गृह मंत्री अलास्साने सेइदोउ ने कहा, ‘‘रविवार, सात दिसंबर, 2025 की सुबह, सैनिकों के एक छोटे समूह ने देश और उसकी संस्थाओं को अस्थिर करने के उद्देश्य से विद्रोह शुरू कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस स्थिति का सामना करते हुए, बेनिनी सशस्त्र बल और उनका नेतृत्व गणतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध रहे।’’

पुराना है तख्तापलट का इतिहास

बेनिन को साल 1960 में फ्रांस से आजादी मिली थी। इसके बाद से पश्चिम अफ्रीकी देश में कई बार तख्तापलट हुए। हालांकि, 1991 के बाद माथ्यू केरकू के दो दशकों शासन में देश में राजनीतिक स्थिरता आई, जो मार्क्सवादी-लेनिनवादी नेता थे और उन्होंने देश का नाम बदलकर 'पीपल्स रिपब्लिक ऑफ बेनिन' कर दिया था।

राष्ट्रपति पैट्रिस टैलोन 2016 से सत्ता में काबिज थे और राष्ट्रपति चुनाव के बाद अगले अप्रैल में पद छोड़ने वाले थे। पैट्रिस टैलोन की पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व वित्त मंत्री रोमुआल्ड वाडाग्नी अगले नेता के तौर पर उभरकर सामने आए और उन्हें जनता का भी समर्थन प्राप्त था, जबकि विपक्षी उम्मीदवार रेनॉड एग्बोडजो को चुनाव आयोग ने पर्याप्त प्रायोजक नहीं होने के आधार पर खारिज कर दिया था।

राष्ट्रपति का कितने साल का होता है कार्यकाल?

पिछले महीने, देश की विधायिका ने राष्ट्रपति के कार्यकाल को पांच से बढ़ाकर सात साल कर दिया, जबकि कार्यकाल की सीमा दो ही रखी। यह तख्तापलट, सैन्य तख्तापलट की कड़ी में सबसे नया है जिसने पश्चिम अफ्रीका को हिला दिया है। पिछले हफ्ते गिनी-बिसाऊ में एक सैन्य तख्तापलट ने पूर्व राष्ट्रपति उमरो एम्बालो को एक विवादित चुनाव के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया जिसमें उन्होंने और विपक्षी उम्मीदवार दोनों ने खुद को विजेता घोषित किया था।

अनुराग गुप्ता
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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