पाकिस्तान में जिस सिख लड़की का अपहरण करके जबरन धर्मांतरण किया गया था, उस संबंध में अब पाकिस्तान की एक अदालत ने बड़ा फैसला देते हुए लड़की को माता-पिता के पास भेज दिया है। हालांकि पहले कोर्ट ने लड़की को उसके मुस्लिम पति के पास भेज दिया था, तब पिता कोर्ट के इस फैसले से नाराज दिखे थे।
लड़की को दो महीने पहले पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उसका जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराया गया था और एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करा दी गयी थी। जिसके बाद माता-पिता तुरंत पुलिस के पास गए थे, लेकिन तब उन्हें मदद नहीं मिली थी। काफी कोशिशों के बाद एक महीने बाद इस मामले की शिकायत दर्ज की गई थी।
जिसके बाद जब लड़की को अदालत में पेश किया गया तो शुरू में कोर्ट ने लड़की को उसके माता-पिता के साथ जाने की अनुमति नहीं दी थी। उसके मुस्लिम पति के वकील द्वारा पेश किए गए विवाह प्रमाण पत्र को स्वीकार कर लिया था और लड़की को पति के पास भेज दिया था। तब पिता को गुमराह किया गया था और वो कोर्ट नहीं पहुंच पाए थे। हालांकि गुरुवार को जब लड़की कोर्ट में लाई गई तो कोर्ट ने उसे पिता के पास जाने की अनुमति दे दी। अदालत ने आदेश दिया कि उसकी चिकित्सा जांच भी कराई जानी चाहिए।
बता दें कि अपनी बड़ी बहन के साथ एक कारखाने में काम करने वाली लड़की 12 अगस्त को अपने घर लौट रही थी, तभी चार लोगों ने हैदराबाद के फतेह चौक से उसका अपहरण कर लिया। लड़की के माता-पिता और उनके वकील के अनुसार लड़की का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण किया गया और एक अपहर्ता से उसकी शादी करा दी गयी थी।
एजेंसी इनपुट के साथ
