Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दोरे पर हैं। 14 मई को उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता की। वे टेंपल ऑफ हेवन गए और कई अन्य कार्यक्रमों में शरीक हुए। ट्रंप के इस दौरे में कई मौके ऐसे भी जहां यूएस एजेंट और पत्रकारों की चीन के सुरक्षाकर्मियों एवं पत्रकारों के साथ 'भिड़ंत' और नोकझोंक हो गई। दरअसल, इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए चीन ने प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रखी है। गुरुवार को दोनों राष्ट्रपति जहां मिले वहां प्रोटोकॉल इतना कड़ा था कि इससे अमेरिकी रिपोर्टरों एवं एजेंटों को भारी असुविधा हुई।
दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस हुई
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक बड़ा विवाद ट्रंप एवं जिनपिंग की द्विपक्षीय एवं शिष्टमंडल स्तर की बातचीत के दौरान हुआ। यहां कथित रूप से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे व्हाइट हाउस के स्टॉफ को एक तरह से धकियाते हुए चीनी पत्रकार आगे बढ़ गए। इस बर्ताव से अमेरिकी दल बुरी तरह से हिल गया। हालांकि किसी को चोट नहीं लोगी। यहीं नहीं तनाव उस समय और बढ़ गया जब बीजिंग के टेम्पल ऑफ हेवन परिसर में चीनी अधिकारियों ने हथियार रखने की वजह से अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट को सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश देने से रोक दिया। राष्ट्रपति की सुरक्षा टीम के लिए यह सामान्य प्रोटोकॉल माना जाता है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस हुई। अमेरिकी अधिकारी एजेंट के बिना आगे बढ़ने को तैयार नहीं थे, जबकि चीनी पक्ष हथियार जमा कराने पर अड़ा रहा।
एक एजेंट अंदर और एक बाहर
करीब 30 मिनट तक चले गतिरोध के बाद, पहले से अनुमति प्राप्त एक अन्य सीक्रेट सर्विस अधिकारी पत्रकारों को अंदर लेकर गया, जबकि पहला एजेंट बाहर ही रह गया। इसके बाद ट्रंप और शी जिनपिंग के मंदिर परिसर के दौरे के बाद एक और टकराव देखने को मिला। अमेरिकी पत्रकारों को एक होल्डिंग रूम में ले जाकर अस्थायी रूप से राष्ट्रपति के मोटरकेड में दोबारा शामिल होने से रोक दिया गया। इस दौरान अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों ने कहा कि अमेरिका में किसी चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ ऐसा व्यवहार कभी नहीं किया जाता।
चर्चा का विषय बनी कैमरामैन की मौजूदगी
समिट की कवरेज कर रहे अमेरिकी पत्रकारों को पूरे दौरे के दौरान सख्त पाबंदियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने गर्म मौसम के बावजूद पत्रकारों के बाथरूम इस्तेमाल पर रोक-टोक की, पानी की बोतलें जब्त कर लीं और मीडिया की आवाजाही पर कड़ा नियंत्रण रखा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब 'रश ऑवर' फिल्म फ्रेंचाइजी के निर्देशक ब्रेट रैटनर के साथ आए एक कैमरामैन की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। बताया गया कि रैटनर का कहना था कि कैमरामैन बीजिंग में 'रश ऑवर 4' की शूटिंग से पहले लोकेशन और लाइटिंग की जांच कर रहा था। माना जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग इस साल के अंत में शुरू हो सकती है।
