यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों से सऊदी-यमन सीमा क्षेत्र और मध्य-पूर्वी यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सऊदी सैन्य गठबंधन के अनुसार, दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा की गई अंधाधुंध गोलाबारी में 4 साल के एक मासूम बच्चे सहित 11 नागरिक घायल हो गए हैं। यह हमला यमन के मारिब और हद्रामौत प्रांतों में स्थित यमनी सरकारी सेना के सैन्य शिविरों पर किए गए उन जानलेवा हमलों के कुछ ही घंटों बाद हुआ, जिसमें कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की मौत हो गई और 50 से अधिक अन्य घायल हो गए।
नजरान में गोलाबारी: 4 देश के नागरिक चपेट में आए
सऊदी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि नज़रान क्षेत्र में हुए हमले में घायल होने वालों में 7 सऊदी नागरिक जिनमें एक महिला और दूसरी डिग्री तक झुलसा 4 साल का बच्चा शामिल है, 2 मिस्र के नागरिक, 1 यमनी नागरिक और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं।
सऊदी सैन्य प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने कहा कि आतंकी हूती मिलिशिया ने असैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अंधाधुंध हमले किए हैं। नागरिकों और नागरिक संपत्तियों को जानबूझकर निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
यमन में सैन्य शिविरों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने यमन के मारिब और हद्रमौत प्रांतों में स्थित सैन्य शिविरों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि यह हमला बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोनों के जरिए किया गया।
2022 के युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई
अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से लागू हुए अघोषित युद्धविराम के बाद यह दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ा सैन्य बढ़ाव माना जा रहा है। यमन पर अमेरिकी मिशन ने हद्रामौत और मारिब में मारे गए यमनी सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हूती हमलों की निंदा की और इसे यमनी जनता के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण बताया।
