S Jaishankar Iran Visit: ईरान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने ईरानी समकक्ष एच अमीर-अब्दुल्लाहियन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने मिडिल ईस्ट में विजिबल मानवीय संकट को तत्काल संबोधित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, जैसा कि गाजा में युद्ध 100 दिन से अधिक हो गया है और ऐसी बढ़ती कार्रवाइयों से बचने की जरूरत है।
जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री के साथ व्यापक चर्चा हुई। हमारी द्विपक्षीय चर्चा चाबहार बंदरगाह और आईएनएसटीसी कनेक्टिविटी परियोजना के साथ भारत की भागीदारी के लिए दीर्घकालिक ढांचे पर केंद्रित थी। उन्होंने बताया, इस क्षेत्र में समुद्री नौवहन के खतरों के बारे में भी बात की गई, महत्वपूर्ण है कि इसे तेजी से संबोधित किया जाए।
तनाव कम करने के ठोस प्रयासों की आवश्यकता
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए ठोस प्रयास की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, हमने कुछ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों और विकास पर दृष्टिकोण और आकलन का भी आदान-प्रदान किया। हम दोनों पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। हमने हिंसा और शत्रुता को और बढ़ने से रोकने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ भारत के अटल रुख को भी व्यक्त किया।
क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विकास की समीक्षा की
एस जयशंकर ने इससे पहले सोमवार को ईरान के समकक्ष होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विकास की समीक्षा की। जयशंकर ने अमीर-अब्दुल्लाहियन की तेहरान में हुई मुलाकात के दौरान चाबहार बंदरगाह और उत्तर-दक्षिण संपर्क परियोजना में भारत की भागीदारी के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा पर चर्चा की।
