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यूक्रेन युद्ध से पीछे हट रहे पुतिन, रिपोर्ट में दावा- चाहते हैं चुपचाप युद्धविराम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 24, 2023, 09:28 AM IST

Russia Ukraine war: युद्धविराम की बात अमेरिका में भी जोर पकड़ रही है। उधर, पुतिन ने निजी तौर पर मध्यस्थों के जरिए युद्धविराम की इच्छा जताई है।

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व्लादिमीर पुतिन

Photo : AP

Russia Ukraine war: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मौजूदा युद्ध रेखा पर यूक्रेन के साथ युद्धविराम के लिए तत्परता का संकेत दे रहे हैं, ताकि संघर्ष खत्‍म हो जाए, जिसका दोनों देशों से परे प्रभाव देखा जाएगा, क्‍योंकि इससे पहले कोविड-19 के कारण आर्थिक सुधार बाधित हुआ, दुनिया भर में भोजन की कमी पैदा हुई और मित्र राष्ट्रों के बीच संबंधों में दरार आ गई।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने शनिवार को क्रेमलिन के करीबी दो पूर्व वरिष्ठ रूसी अधिकारियों, पुतिन के दूतों और अमेरिकी व अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों के बयान का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी, जिसमें कहा गया है कि पुतिन ने निजी तौर पर मध्यस्थों के जरिए युद्धविराम की इच्छा जताई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रूसी राष्ट्रपति ने एक साल पहले एक बार युद्धविराम की मांग की थी।

कब्जा किए क्षेत्रों को वापस किए बिना नहीं मानेगा यूक्रेन

रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी के हवाले से कहा गया है, जिन्होंने सर्दियों के इस मौसम में शीर्ष रूसी अधिकारियों से मुलाकात की थी। वे कहते हैं, हम संघर्ष विराम पर बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि यूक्रेन रूस द्वारा कब्ज़ा किए गए क्षेत्रों को वापस लिए बिना युद्धविराम स्वीकार करेगा या नहीं। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि पुतिन अपना मन बदल सकते हैं।

अमेरिका में भी जोर पकड़ रही युद्धविराम की चर्चा

युद्धविराम की बात अमेरिका में भी जोर पकड़ रही है, जहां करदाताओं की फंडिंग जारी रखने की इच्छा कम होती दिख रही है और कई रिपब्लिकन सांसदों ने इसका विरोध किया है। इस कारण अतिरिक्त धन पाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी हासिल करने के अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व वाले प्रशासन के प्रयासों पर पानी फिर गया है। इस आशय का एक विधेयक इस महीने की शुरुआत में पारित नहीं हो सका। इस विधेयक का भाग्य तब तय होगा, जब सांसद छुट्टियों के बाद वाशिंगटन लौटेंगे।

अमेरिकी मदद के बिना युद्ध जारी नहीं रख सकता यूक्रेन

बाइडेन ने जब तक संभव हो, यूक्रेन का साथ देने की कसम खाई थी, लेकिन कांग्रेस के समर्थन के बिना, अकेले उनके शब्द पर्याप्त नहीं होंगे। अमेरिकी धन और अन्य पश्चिमी देशों के धन के बिना कीव बहुत लंबे समय तक रूसी सेना का सामना करने में सक्षम नहीं होगा। बताया जा रहा है कि पश्चिमी देश अब विदेशों में जमा रूसी बैंकों की अरबों डॉलर की संपत्ति का उपयोग यूक्रेन को वित्तपोषित करने के लिए करने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं। बाइडेन ने सार्वजनिक टिप्पणी में कहा है कि युद्ध खत्‍म करने का फैसला अकेले यूक्रेन का होगा।

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