Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के बीच युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। दोनों एक-दूसरे पर सैन्य बढ़त हासिल करने के मकसद से ड्रोन और मिसाइलों से कहर बरपा रहे हैं। रूस ने हालिया हमले में यूक्रेन के पावरग्रिड को निशाना बनाया, जहां देर रात तक हमला होता रहा। अधिकारियों ने इसे साढ़े तीन साल से भी ज्यादा समय से चल रहे युद्ध में यूक्रेनी प्राकृतिक गैस संयंत्रों पर हुआ सबसे बड़ा हमला करार दिया।
क्षेत्रीय ऑपरेटर चेर्निहिवोब्लेनेर्गो के अनुसार, इस हमले में रूसी सीमा के पास उत्तरी शहर चेर्निहिव के पास ऊर्जा संयंत्रों को भारी नुकसान हुआ और लगभग 50,000 घरों में अंधेरा छा गया। चेर्निहिव सैन्य प्रशासन के प्रमुख दिमित्रो ब्रायज़िन्स्की ने पुष्टि की कि शहर में रात में हुए रूसी हमले की वजह से कई जगहों पर आग लग गई।
जब ऊर्जा ठिकानों को बनाया निशाना
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले नाफ्तोगाज समूह द्वारा संचालित प्राकृतिक गैस सुविधाओं पर युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था। यूक्रेनी वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि रूस ने यूक्रेन पर शुक्रवार को 381 ड्रोन और 35 मिसाइल से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। उन्होंने इन हमलों को सर्दियों से पहले यूक्रेन में बिजली आपूर्ति सुविधाओं को नष्ट करने की कोशिश करार दिया।
'इन हमलों का कोई मकसद नहीं'
नाफ्तोगाज समूह के मुख्य कार्यकारी सेरही कोरेत्स्की ने शुक्रवार को कहा कि इन हमलों का कोई सैन्य उद्देश्य नहीं था, जबकि यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने रूस पर ‘‘आम नागरिकों को आतंकित करने’’ का आरोप लगाया। वहीं, रूस ने दावा किया कि हमलों में कीव के युद्ध प्रयासों का समर्थन करने वाली सुविधाओं को लक्ष्य बनाया गया।
यूक्रेनी सेना ने बताया कि शुक्रवार रात से लेकर शनिवार तक रूसी सेना ने यूक्रेन पर 109 ड्रोन और तीन बैलिस्टिक मिसाइल दागीं। यूक्रेनी सेना ने बताया कि इनमें से 73 ड्रोन या तो मार गिराए गए या अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए। रूस द्वारा फरवरी 2022 में अपने पड़ोसी देश पर किए गए आक्रमण के बाद से हर साल सर्दी आते ही रूसी सेना यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर हमले करती है। यूक्रेन का कहना है कि यह आम नागरिकों को रोशनी और पानी से वंचित करके सर्दियों को हथियार बनाने की कोशिश है।
