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रूस में रनवे पर घुसे प्रदर्शनकारी, यहूदियों की तलाश में लगे अल्लाह-हू-अकबर के नारे, एयरपोर्ट किया गया बंद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 30, 2023, 09:27 AM IST

Russian airport Closed: रूस से चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब दक्षिणी रूसी क्षेत्र दागेस्तान के मखाचकाला शहर में स्थित एयरपोर्ट पर फिलिस्तीन समर्थकों ने धावा बोल दिया। अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए कई फिलिस्तीन समर्थकों ने इजराइल से आए एक प्लेन को घेर लिया और इसमें यहूदी नागरिकों की तलाश करने लगे।

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रनवे पर पहुंचे फिलिस्तीन समर्थक

Photo : AP

Russian airport Closed: इजराइल और हमास में छिड़ी जंग के बीच दुनियाभर में यहूदियों के खिलाफ नफरती हिंसा बढ़ती जा रही है। इसकी एक बानगी रविवार को रूस में देखने को मिली। यहां से चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब दक्षिणी रूसी क्षेत्र दागेस्तान के मखाचकाला शहर में स्थित एयरपोर्ट पर फिलिस्तीन समर्थकों ने धावा बोल दिया। अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए कई फिलिस्तीन समर्थकों ने इजराइल से आए एक प्लेन को घेर लिया और इसमें यहूदी नागरिकों की तलाश करने लगे।

आनन फानन में सुरक्षा अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर आने वाली कई फ्लाइटों को दूसरी दिशा की ओर डायवर्ट किया और अस्थाई रूप से एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया। दरअसल, फिलिस्तीन समर्थकों को सूचना मिली कि दागेस्तान एयरपोर्ट पर इजराइल से एक फ्लाइट पहुंची है, जिसमें एक यहूदी (इजराइली नागरिक) सवार है।

रनवे पर लहराए गए फिलिस्तीन के झंडे

इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें फिलिस्तीन समर्थक अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए दिखाई दिए, इसके साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन के झंडे भी लहराए। इस दौरान कुद लोगों को पुलिस की कार पलटते हुए भी देखा गया। घटना के बाद रविवार रात इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि इज़राइल रूसी कानून प्रवर्तन अधिकारियों से अपेक्षा करता है कि वे जहां भी हों, सभी इजरायली नागरिकों और यहूदियों की सुरक्षा की रक्षा करेंगे और दंगाइयों के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करेंगे। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि रूस में इजरायली राजदूत इजरायलियों और यहूदियों की सुरक्षा के लिए रूसी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।

रूसी अधिकारियों ने की शांति की अपील

वहीं, रूस के उत्तरी कोकेशियान संघीय जिले के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि हवाई अड्डे पर हमला करने वालों की पहचान स्थापित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। दंगाईयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, हम नागरिकों से अपील करते हैं कि ऐसे किसी प्रदर्शन या उकसावे में न आएं। वहीं दागेस्तान के सर्वोच्च मुफ्ती शेख अखमद अफांदी ने नगारिकों से कहा कि आप गलती कर रहे हैं। इस मुद्दे को इस तरह से हल नहीं किया जा सकता। हम आपके आक्रोश को समझते और अनुभव करते हैं, लेकिन हम इस मुद्दे को अलग तरीके से हल करेंगे।

6 नवंबर तक बंद किया गया एयरपोर्ट

रूस की नागरिक उड्डयन एजेंसी, रोसावियात्सिया ने बताया कि रवने को अनधिकृत लोगों से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, हवाईअड्डा 6 नवंबर तक आने वाले विमानों के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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