US Iran War: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। यह समयसीमा मंगलवार यानी 6 अप्रैल को खत्म हो रही है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप अल्टीमेटम पर तवज्जो नहीं दिया है। ईरान के इस रवैय्ये से ट्रंप आग बबूला हो चुके हैं। शनिवार शाम उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि पागलो, होर्मुज स्ट्रेट को खोल दो नहीं तो नरक में जाओगे। ट्रंप की इस भाषा से दुनिया हैरान-परेशान है। आशंका जताई जा रही है मिडिल ईस्ट में संघर्ष और भी भीषण मोड़ ले सकती है।
ट्रंप के अल्टीमेटम पर रूस ने कहा क्या?
तनाव के बीच रूस ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavrov) ने कहा कि अमेरिका को “अल्टीमेटम की भाषा” छोड़कर बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहिए। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा हालात में तनाव कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे कूटनीतिक प्रयास सफल होंगे और क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो सकेगी।
इससे पहले ट्रंप ने 4 अप्रैल को भी ईरान को याद दिलाया था कि मैंने उसे समझौता करने या होर्मुज को खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था। उन्होंने कहा, 'समय तेजी से बीत रहा है। 48 घंटे के बाद अमेरिका उन पर कहर बनकर टूट पड़ेगा।'
नाटो पर क्यों भड़के ट्रंप?
हाल ही में ट्रंप ने होर्मुज को खुलवाने के लिए नाटो देशों और चीन से भी सहयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सभी देशों को मिलकर इस अहम समुद्री मार्ग को खुला रखने में अमेरिका का साथ देना चाहिए।
हालांकि, जब कई देशों ने समर्थन देने से इनकार कर दिया, तो ट्रंप नाराज हो गए और नाटो को ‘कागजी शेर’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका के बिना उसकी कोई खास अहमियत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को इस रास्ते से तेल की जरूरत नहीं है, इसलिए जो देश इस पर निर्भर हैं, उन्हें ही इसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
