Russia Ukraine War Row: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी हुआ है। शुक्रवार (17 मार्च, 2023) को इसे जारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने बताया कि उसने ऐसा यूक्रेन से बच्चों की किडनैपिंग में कथित संलिप्तता की वजह से युद्ध अपराधों के लिए यह कदम उठाया। आईसीसी बयान के अनुसार, पुतिन ‘‘बच्चों के अवैध निर्वासन और यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों से रूसी संघ में बच्चों को अवैध रूप से ले जाने से जुड़े युद्ध अपराधों के लिए कथित रूप से जिम्मेदार हैं।’’
कोर्ट के अध्यक्ष पियोटर हॉफमांस्की की ओर से वीडियो स्टेंटमेंट में बताया गया कि आईसीसी के जजों ने वॉरंट जारी किए हैं, मगर उन्हें तामील करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर करेगा। वॉरंट तामील करने के लिए अदालत के पास अपना कोई पुलिस बल नहीं है। बकौल हॉफमांस्की, ‘‘आईसीसी अदालत के रूप में अपना काम कर रही है। न्यायाधीशों ने गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। इसका निष्पादन अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करता है।’’ इस बीच, क्रेमलिन प्रवक्ता की ओर से आईसीसी के फैसले पर प्रतिक्रिया भी आई। उनकी तरफ से कहा गया कि राष्ट्रपति पुतिन की गिरफ्तारी के लिए वॉरंट अपमानजनक और अस्वीकार्य है। यह फैसला कानूनी तौर पर अमान्य है।
पुतिन से शी यूक्रेन जंग खत्म करने पर कर सकते हैं चर्चा
वैसे, यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर देखने को मिला है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सोमवार से रूस की यात्रा पर रहेंगे। वह इस दौरान रूसी समकक्ष पुतिन के साथ अहम बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि वह यूक्रेन में जंग को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की पैरवी कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संक्षिप्त घोषणा में बताया, ‘‘ रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर राष्ट्रपति चिनफिंग 20 से 22 मार्च तक रूस की राजकीय यात्रा करेंगे।’’चिनफिंग की यात्रा को पश्चिमी राजधानियों में बीजिंग द्वारा पुतिन के समर्थन के एक शक्तिशाली संकेत के रूप में देखा जाएगा। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति चिनफिंग के पांच साल के तीसरे कार्यकाल का समर्थन करने के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा होगी। रूस-यूक्रेन के बीच जंग खत्म करने को लेकर क्या चिनफिंग शांति वार्ता की पैरवी करेंगे?...इस पर सवालों का चीनी विदेश मंत्रालय के दूसरे प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया से कहा, “ हम हमेशा मानते हैं कि संघर्षों और विवादों को सुलझाने का एकमात्र तरीका राजनीतिक संवाद है।” (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
