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एटमी वॉर के सर्वे से अमेरिका-यूरोप तक फैला खौफ! 'परमाणु प्रलय' पर डरावनी है वॉरजोन की ये वीडियो रिपोर्ट

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 24, 2022, 09:10 AM IST

फिलहाल Russia- Ukraine की जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। पुतिन को जीत से कम कुछ भी मंजूर नहीं और यूक्रेन सरेंडर करने को तैयार नहीं। प्रतिशोध की आग में जल रहे पुतिन ने यूक्रेन में ब्लैक आउट तो कर दिया है लेकिन क्या वो परमाणु अटैक भी करेंगे। पश्चिमी देश पुतिन की इसी परमाणु प्लान का सीक्रेट डिकोड करने में जुटे हैं।

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खतरनाक स्तर पर पहुंचा रूस और यूक्रेन का युद्ध

KEY HIGHLIGHTS
  • पुतिन की सनक से बढ़ा विश्व युद्ध का खतरा, विशेषज्ञों को सता रहा है परमाणु युद्ध का डर
  • दुनिया को नहीं कोई भ्रम, पुतिन दिखाएंगे परमाणु पराक्रम!
  • एटम बम फोड़ेंगे पुतिन! महाविनाश में कितने दिन?

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन की जंग में हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं। परमाणु हमले (Nuclear Attack) की आशंका से यूक्रेन से लेकर यूरोप (Europe) और अमेरिका (America) में दहशत है। इस बीच रूस ने खेरसॉन से सभी नागरिकों को तुरंत बाहर निकालने का फरमान जारी किया है लेकिन रूस के इस फैसले से यूक्रेन (Ukraine) में दहशत पसर गई है ये सोचकर कि क्या अब यूक्रेन तो परमाणु हमले से दहलाएंगे पुतिन। किसी भी वक्त यूक्रेन पर कयामत आ सकती है और परमाणु बम के प्रलय में यूक्रेन का नामोनिशान मिट सकता है।

बरकरार है परमाणु हमले का खतरा

पुतिन के परमाणु हमले का यही खौफ ना सिर्फ यूक्रेन बल्कि सुपरपावर अमेरिका से लेकर ब्रिटेन और NATO देशों तक पसरा है क्योंकि यूक्रेन पर पहला परमाणु बम फोड़ने से पहले पुतिन ने परमाणु धमाके का फरमान जारी कर दिया था। तैयारी पूरी हो चुकी थी, लाइव फायर ड्रिल शुरू हो चुकी थी।.रूस की न्यूक्लियर फोर्स हाई अलर्ट मोड में थी लेकिन आखिरी पल में कुछ ऐसा हुआ कि पुतिन का परमाणु प्लान बदल गया और फिर यूक्रेन पर मंडरा रहे परमाणु हमले का खतरा कुछ देर के लिए टल गया।

नहीं हो पाए टेस्ट

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने न्यूक्लियर टेस्ट की ऑर्डर शीट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यहीं नहीं दावा ये भी किया गया है कि, पुतिन ने एक नहीं दो परमाणु परीक्षण का ऑर्डर जारी किया है। हालांकि अब तक तक इस पर एक्शन नहीं लिया गया है। पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो अक्टूबर की शुरुआत में ही रूस दो परमाणु धमाका करने वाला था। एक बैरेंट्स सागर में पानी के नीचे और दूसरा आर्कान्जेस्क क्षेत्र में जमीन के नीचे लेकिन दोनों बार न्यूक्लियर टेस्ट नहीं हो पाए।

एक्टिव है पुतिन का प्लान

इसका मतलब ये नहीं कि यूक्रेन पर मंडरा रहा परमाणु बम के हमले का खतरा टल गया है। पुतिन का परमाणु प्लान अभी भी एक्टिव है..और वो किसी भी वक्त न्यूक्लियर ब्रीफकेस का रेड बटन दबाकर दुनिया को चौंका सकते हैं। पश्चिमी मीडिया के खुलासे के साथ ही इस तस्वीर ने भी दुनिया को डरा दिया है। गुरुवार को पुतिन एक रूसी मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप में नजर आए। इस दौरान पुतिन ने एक स्नाइपर राइफल से फायरिंग भी की लेकिन इस दौरान उनके साथ मौजूद एक शख्स के हाथ में एक बॉक्स था।पश्चिमी मीडिया इसे पुतिन की 'न्यूक्लियर फुटबॉल' बता रही है। इन्हीं तस्वीरों ये सामने आते ही चर्चा फिर शुरू हो गई कि क्या पुतिन यूक्रेन पर न्यूक्लियर अटैक का पूरा मन बना चुके हैं वो किसी भी वक्त परमाणु बम फोड़ कर यूक्रेन का नामोनिशान मिटा सकते हैं। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि रूस यूक्रेन पर परमाणु हमला कहां से करेगा

सता रहा डर

चूंकि पुतिन NATO की न्यूक्लियर ड्रिल के जवाब में परमाणु धमाका करने वाले थे और उन्होंने परमाणु परीक्षण का फरमान भी जारी कर दिया था।22 अक्टूबर तक के लिए नॉर्वे बॉर्डर के नजदीक बैरेंट्स सागर में लाइव फायर ड्रिल को लेकर कम से कम 7 बार एयर ट्रैफिक को लेकर नेविगेशन वॉर्निंग जारी की गई थी।इसी खबर से घबराए ब्रिटिश रक्षा मंत्री बेन वॉलेस रातोंरात अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से मिलने पहुंच गए थे। बैरेंट्स सागर का ये वही इलाका है जहां कुछ दिनों पहले न्यूक्लियर टॉरपीडो से लैस रूस की सबसे घातक पनडुब्बी बेलगोरोड दिखी थी। पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञों को डर सता रहा है कि पुतिन ब्लैक सी में भी परमाणु विस्फोट कर सकते हैं। जिससे सुनामी और जहरीली गैस के बादल का खतरा पैदा हो जाएगा। दावा तो ये भी किया जा रहा है कि यूक्रेन में टैक्टिकल एटम बम गिराने से पहले रूस आर्कटिक में परमाणु परीक्षण कर सकता है। अगर यूक्रेन पर परमाणु हमला हुआ तो क्या होगा परमाणु युद्ध की चपेट में कितने लोग आएंगे आइए ये भी जान लेते हैं-
  • प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक कंप्यूटर आधारित मॉडल पर दावा किया है कि अगर यूक्रेन पर परमाणु बम गिराया जाता है तो 5 घंटे के अंदर 3 करोड़ 40 लाख लोग मारे जाएंगे
  • वहीं परमाणु हमले की चपेट में आकर 5 करोड़ से ज्‍यादा लोग घायल हो जाएंगे
  • इन आंकड़ों में वे लोग शामिल नहीं हैं जो रेडिएशन या दूसरे प्रभावों से बाद में मर जाएंगे

डराते हैं ये आंकड़े

मॉडल के मुताबिक इस जंग में रूस 300 न्यूक्लियर वारहेड या तो फाइटर जेट से या फिर कम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों से NATO के ठिकानों और यूरोप में आगे बढ़ रहे सैनिकों पर दाग सकता है। पलटवार में NATO नाटो गठबंधन लड़ाकू विमानों के जरिए 180 परमाणु हथियार दाग सकता है। इस स्थिति में 3 घंटे में 26 लाख लोग मारे जा सकते हैं। इस हमले के बाद अमेरिका अपनी परमाणु मिसाइलों को जंग के मैदान में उतार सकता है और 600 परमाणु हमले कर सकता है। NATO की ओर से ये हमला होने से पहले ही रूस अपने मिसाइल साइलो, सबमरीन और मोबाइल लॉन्‍च पैड से परमाणु हमला कर सकता है। ये सब करीब 45 मिनट तक चलेगा। इस जंग के आखिर में दोनों पक्ष एक-दूसरे के 30 बड़े शहरों और आर्थिक केंद्रों को 5 से 10 परमाणु बम गिराकर उन्‍हें तबाह करने की कोशिश करेंगे...इससे महज 45 मिनट में 8 करोड़ 53 लाख लोग मारे जा सकते हैं।
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