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नए इबोला वायरस से बढ़ी चिंता के बीच रूस ने वैक्सीन बनाने का किया दावा, अफ्रीकी देशों की मदद के लिए आया आगे

Russia Ebola Vaccine: अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस के नए बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के फैलने के बीच रूस ने नई वैक्सीन विकसित करने का दावा किया है। रूस के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन नए स्ट्रेन से सुरक्षा दे सकती है।

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DRC और युगांडा में फैल रहा इबोला का खतरनाक नया स्ट्रेन (Photo: AI Image)

Russia Ebola Vaccine: अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला वायरस के नए स्ट्रेन के फैलने से दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। इसी बीच रूस ने दावा किया है कि उसके वैज्ञानिकों ने इस नए स्ट्रेन (Ebola Virus Strain) के खिलाफ वैक्सीन तैयार कर ली है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि यह वैक्सीन इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से सुरक्षा देने में मदद कर सकती है। इस जानकारी को दक्षिण अफ्रीका में मौजूद रूसी दूतावास ने भी साझा किया है। इबोला एक बेहद खतरनाक वायरस माना जाता है। इसके संक्रमण से तेज बुखार, उल्टी, दस्त, कमजोरी और कई बार शरीर से खून बहने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलती है। पहले भी इबोला के कई प्रकोपों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा इबोला से ज्यादा प्रभावित

इस समय जिस नए स्ट्रेन की चर्चा हो रही है, उसका नाम बुंडीबुग्यो स्ट्रेन है। यह मुख्य रूप से डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में फैल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई पूरी तरह स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। इसकी मृत्यु दर भी काफी ज्यादा बताई जाती है। इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। रूस के वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी नई वैक्सीन शरीर में इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा पैदा कर सकती है। हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी माना है कि इस वैक्सीन का पूरा परीक्षण अभी बाकी है।

रूस विशेषज्ञों की टीम अफ्रीका भेजने की कर कर रहा तैयारी

रूस ने कांगो और युगांडा को वैक्सीन और जांच किट देने की पेशकश भी की है। साथ ही विशेषज्ञों की टीम अफ्रीका भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि वहां मदद पहुंचाई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इबोला जैसी बीमारी को रोकने में वैक्सीन की बड़ी भूमिका होती है। इसके अलावा संक्रमित मरीजों को अलग रखना, साफ-सफाई बनाए रखना और समय पर इलाज देना भी बेहद जरूरी है। रूस का यह दावा दुनिया के लिए उम्मीद की खबर माना जा रहा है। अगर यह वैक्सीन सफल साबित होती है तो कई देशों में हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

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मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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