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SCO में पाकिस्तानी डिप्टी PM इशाक डार के सामने राजनाथ सिंह की दोटूक, 'आतंकवाद पर दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे'

राजनाथ सिंह ने कहा कि 'आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है जिनके वे हकदार हैं।' जब सिंह यह वक्तव्य दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार भी वहां मौजूद थे।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद के पूरे 'इकोसिस्टम' को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आतंकवादियों को वित्तपोषित करने, उनका समर्थन करने या उन्हें शरण देने वालों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।ताजिकिस्तान के दुशान्बे में एससीओ शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए, सिंह ने यह भी कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए 'सबसे गंभीर खतरों' में से एक बन गया है। यह न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि निवेश और व्यापार को भी बाधित करता है।

उन्होंने कहा कि 'आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है जिनके वे हकदार हैं।'जब सिंह यह वक्तव्य दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार भी वहां मौजूद थे।

रक्षा मंत्री SCO बैठक में आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान में हैं

रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान में हैं।सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि 'आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता; इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।' उन्होंने कहा, 'उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती जो आतंकवादियों को वित्त, समर्थन या सुरक्षित ठिकाने प्रदान करते हैं। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।' गत 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में सिंह ने कहा था कि भविष्य में पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का और भी 'करारा जवाब' दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से अधिकांश आतंकवादियों की 'शेल्फ लाइफ' (जीवित रहने की अवधि) घटकर एक साल से भी कम रह गई है और सुरक्षा बल उन्हें भारत के खिलाफ हथियार उठाने के एक साल के भीतर ही उनका खात्मा कर देते हैं।

एससीओ सदस्यों को संबोधित करते हुए सिंह ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर 2026 से 2030 के लिए कार्य योजना को अपनाने के लिए भारत के समर्थन को भी रेखांकित किया। सिंह ने कहा, 'भारत का मानना है कि हमारी आर्थिक सहभागिता समावेशी होने के साथ-साथ प्रत्येक सदस्य देश के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। हमें अधिक लचीली आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण, व्यापार और निवेश को सुगम बनाने और विकास के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में काम करना चाहिए।'

एससीओ सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय संबंधों के विकास के लिए पारदर्शी, पूर्वानुमान योग्य और स्थिर स्थितियों के आधार पर व्यापार, आर्थिक और निवेश सहभागिता का व्यापक विकास करना है। साथ ही संगठन के देशों के लोगों के कल्याण में सुधार के हित में आपसी व्यापार का अनुपात बढ़ाना और निवेश सहयोग का विस्तार करना है। 25 फरवरी 2026 को, एससीओ सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर 2026-2030 की मसौदा कार्य योजना पर चर्चा करने के लिए एससीओ के सदस्य देशों के विशेषज्ञों की एक बैठक आयोजित की गई थी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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