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रास लफ्फान धमाके में जान गंवाने वाले 12 भारतीय नागरिकों के शवों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू, 4 पार्थिव शरीर भेजे गए

कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए बड़े LNG प्लांट हादसे में 12 भारतीयों की मौत के बाद। 4 भारतीय नागरिकों के शव भारत रवाना हो गए हैं, घायलों का इलाज जारी है। शेष शवों को लाने की प्रक्रिया चल रही है।

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जान गंवाने वाले 4 भारतीयों के शव स्वदेश रवाना (X/@IndEmbDoha)

Qatar Tragedy: कतर की रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात हुए एक भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक स्थानीय LNG गैस फैसिलिटी में हुए जोरदार धमाके में कुल 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 12 मृतक भारतीय नागरिक हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद कतर स्थित भारतीय दूतावास ने पीड़ितों के शवों को भारत वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 12 में से 4 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर आज भारत रवाना कर दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह कतर प्रशासन और स्थानीय भारतीय संगठनों के साथ मिलकर बाकी शवों को भी जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत लाने की कोशिशों में जुटा है।

कतर के अमीर ने खुद पीएम मोदी को किया फोन

इस भीषण औद्योगिक त्रासदी के बाद नई दिल्ली और दोहा के बीच गहरे राजनयिक और द्विपक्षीय संबंध एक बार फिर सामने आए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने बुधवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। बातचीत के दौरान कतर के अमीर ने इस विनाशकारी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कूटनीतिक पहुंच के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कतर के अमीर का आभार जताया और लिखा "कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दुखद हादसे में भारतीय नागरिकों की जान जाने पर संवेदना व्यक्त करने और फोन करने के लिए मैं कतर के अमीर का धन्यवाद करता हूं। हम पीड़ित परिवारों के दुख को साझा करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"

कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

यह दर्दनाक वाकया रविवार रात कतर की सरकारी कंपनी 'कतरएनर्जी LNG' द्वारा संचालित बारजान स्थानीय गैस आपूर्ति सुविधा में सामने आया। प्लांट के भीतर अचानक एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस धमाके की चपेट में आने से जहां 12 भारतीयों सहित 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं करीब 66 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में भी कई भारतीय कामगार शामिल हैं, जिनका इलाज कतर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

भारतीय दूतावास रख रहा है पल-पल की नजर

दोहा में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे इस कठिन समय में सभी प्रभावित परिवारों और स्थानीय अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं। दूतावास ने इस संकट की घड़ी में त्वरित सहयोग के लिए कतर के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय भारतीय सामुदायिक संगठनों को भी धन्यवाद दिया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारतीय राजनयिकों की एक विशेष टीम अस्पतालों का दौरा कर रही है और हादसे में घायल हुए भारतीय नागरिकों की चिकित्सा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि उन्हें हर संभव सर्वोत्तम इलाज और सहायता सुनिश्चित की जा सके।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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