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क्या पुतिन के दिल में डोनाल्ड ट्रंप के लिए जागा प्यार? यूक्रेनी संकट को लेकर कह दी ये बड़ी बात

Russia-Ukraine War: क्या डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर व्लादिमीर पुतिन विचार कर रहे हैं। जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि जल्द से जल्द पुतिन से मिलना चाहता हूं, लाखों जिंदगियों का सवाल है। ट्रंप ने ये भी कहा था कि पुतिन को यूक्रेन के साथ समझौता करना चाहिए, जेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप के बारे में बोले व्लादिमीर पुतिन।

Putin on Donald Trump: क्या रूस और यूक्रेन के बीच साल 2022 से छिड़ा जंग अब खत्म होने वाला है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सकारात्मक रवैया सामने आया है। उन्होंने यूक्रेनी संकट को लेकर बड़ा दावा किया है। पुतिन का ये दावा इसलिए अहम हो जाता है, क्योंकि हाल ही में रूस यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप ने कहा है कि जल्द से जल्द पुतिन से मिलना चाहता हूं, लाखों जिंदगियों का सवाल है। इसके बाद पुतिन ने क्या कुछ कहा वो नीचे पढ़िए।

डोनाल्ड ट्रंप के बारे में ये क्या बोल गए रूस के राष्ट्रपति?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ये दावा किया है कि 'अगर साल 2020 में [डोनाल्ड ट्रंप] से जीत नहीं छीनी जाती, तो शायद 2022 का यूक्रेनी संकट कभी सामने नहीं आता।' इस बयान के कई मायने निकाले जा सकते हैं। क्या ट्रंप की उस अपील पर पुतिन विचार कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ये कहा था कि पुतिन को यूक्रेन के साथ समझौता करना चाहिए, जेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार हैं।

ट्रंप की अपील- पुतिन को यूक्रेन के साथ समझौता करना चाहिए

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के साथ “समझौता करना चाहिए”। ट्रंप ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति के साथ यथाशीघ्र मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्होंने अपने रूसी समकक्ष को यूक्रेन में ‘बेवकूफी भरी जंग’ खत्म करने या फिर ऊंचे शुल्क और प्रतिबंधों का सामना करने की चेतावनी दी थी। 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले ट्रंप ने बुधवार को अपने स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह बात कही। बृहस्पतिवार को ‘ओवल ऑफिस’ में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें (पुतिन को) समझौता करना चाहिए।” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि रूस पर प्रतिबंध पुतिन को बातचीत करने के लिए मजबूर करेंगे, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता”।

उन्होंने कहा, “रूस को एक समझौता करना चाहिए। हो सकता है कि वे समझौता करना चाहते हों। मुझे लगता है, मैंने जो सुना है, उसके अनुसार पुतिन मुझसे मिलना चाहेंगे। और हम जल्द से जल्द मिलेंगे। मैं तुरंत मिलूंगा। युद्ध के मैदान में सैनिक मारे जा रहे हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ऐसा कोई युद्धक्षेत्र नहीं देखा गया... और मेरे पास ऐसी तस्वीरें हैं जिन्हें आप नहीं देखना चाहेंगे। हर दिन इतनी संख्या में सैनिक मारे जा रहे हैं, जैसा हमने दशकों में नहीं देखा। इस युद्ध को समाप्त करना अच्छा होगा। यह एक हास्यास्पद युद्ध है।”

'जल्द ही युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ, तो...'

एक अन्य सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन समझौता करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा, “वह (वोलोदिमिर जेलेंस्की) समझौता करने के लिए तैयार हैं। वह रुकना चाहते हैं। वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने बहुत सारे सैनिक खो दिए हैं। रूस ने भी ऐसा ही किया। रूस ने ज्यादा सैनिक खोए, उसने 8,00,000 सैनिक खो दिए।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ, तो उनके पास “रूस द्वारा अमेरिका और अन्य भागीदार देशों को बेची जाने वाली किसी भी वस्तु पर शुल्क, कर और प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।”

जल्द से जल्द पुतिन से मिलना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह यूक्रेन के साथ युद्ध को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की युद्ध खत्म करने के लिए समझौते के लिए तैयार हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी उनके पिछले बयान से काफी अलग है। इस हफ्ते की सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने धमकी थी कि अगर मॉस्को समझौता नहीं करता है तो वह रूस पर 'उच्च स्तर' के प्रतिबंध लगा देंगे और वहां से आयात पर शुल्क लगा देंगे। 5 नवंबर को चुनाव जीतने से पहले ट्रंप ने कई बार दावा किया कि वह पहले दिन ही यूक्रेन और रूस के बीच समझौता कर लेंगे। हालांकि अब उनके सलाहकार मानते हैं कि युद्ध को सुलझाने में महीनों लग जाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए कहा, "मैं वास्तव में जल्द ही राष्ट्रपति पुतिन से मिलना चाहूंगा ताकि युद्ध समाप्त हो सके।" और यह अर्थव्यवस्था या किसी अन्य चीज के नजरिए से नहीं कह रहा हूं। यह इस दृष्टिकोण से कह रहा हूं कि लाखों लोगों की जिंदगी बर्बाद हो रही हैं... यह एक नरसंहार है। और हमें वास्तव में युद्ध को रोकना होगा।" बाद में व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने मीडिया से कहा कि वह इस हास्यास्पद युद्ध को समाप्त करने के लिए जल्द से जल्द पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं।

ट्रंप ने कहा, "मैंने जो सुना है, उसके अनुसार पुतिन मुझसे मिलना चाहेंगे। उन्होंने ने दावा किया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने उनसे कहा था कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने दावोस में प्रतिभागियों से कहा कि शांति समझौते के लिए अमेरिकी कोशिश अब उम्मीदों के साथ जारी है हालांकि उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण किया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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