Imran Khan : पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए-इंसाफ (PTI) ने उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। इमरान की पार्टी ने नेशनल असेंबली की आठ सीटों में से छह सीटों पर जीत दर्ज की है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन पीएमएल-एन एवं पीपीपी को जोरदार झटका लगा है। यही नहीं इमरान की पार्टी ने पंजाब की सीटों पर हुए उपचुनाव में भी दो सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव में पीएमएल-एन एवं पीपीपी सहित सरकार में शामिल अन्य दलों ने संयुक्त रूप से इन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। दिलचस्प बात है कि पीटीआई प्रमुख इमरान खुद सात सीटों पर उम्मीदवार थे। दो सीटों पर उनकी पार्टी की हार हुई है।
इमरान ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा
उप चुनाव में इमरान खान ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है। 2018 के आम चनाव में पीटीआई प्रमुख नेशनल असेंबली की पांच सीटों से जीते थे और इस बार उन्होंने छह सीटों पर जीत दर्ज की है। इमरान को मलीर सीट पर हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर पीपीपी के हाकिम बलोच ने इमरान खान को हराया।
आठ सीटों पर रविवार को हुआ मतदान
नेशनल असेंबली की इन आठ सीटों पर रविवार को मतदान हुआ। पीटीआई को एन-157 मुल्तान एवं एनए-237 कराची सीट पर हार मिली। ये दोनों सीटें पीपीपी के खाते में गई हैं। हालांकि, 2018 के आम चुनाव में इन सीटों पर इमरान खान की पार्टी विजयी हुई। राजनीति के जानकारों का मानना है कि उपचुनाव में पीएमएल-एन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और उसके वोट बैंक में कमी आई है।
विधानसभा की दो सीटों पर भी जीती पीटीआई
पंजाब विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में पीटीआई ने दो सीटों जीतकर विधानसभा में अपनी पकड़ और मजबूत की है। पीटीआई के खाते में नेशनल असेंबली की मरदान, चरसड्डा, पेशावर, फैसलाबाद, ननकाना साहिब एवं कोरंगी सीटें गई हैं। पीपीपी को मुल्तान एवं मलीर सीट पर जीत मिली है। पंजाब विधानसभा की खानेवाल, बहावलनगर सीट पर पीटीआई और शेखूपुरा सीट पर पीएमएल-एन को जीत मिली है।
शहबाज सरकार पर जमकर हमला बोलते हैं इमरान
आम तौर पर उप चुनावों में सत्तारूढ़ पार्टी की जीत मिलती है लेकिन इस बार इमरान खान ने बड़ा उलटफेर किया है। चुनाव नतीजे संकेत देते हैं कि लोगों के बीच इमरान खान की लोकप्रियता एवं उनकी पार्टी में लोगों का विश्वास बना हुआ है। गत अप्रैल में सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान खान शहबाज सरकार पर हमलावर हैं। अपनी रैलियों में वह गठबंधन सरकार पर हमला बोलते आए हैं। इमरान का आरोप है कि अमेरिका की साजिश के तहत उनकी सरकार को गिराया गया। इस साजिश में सेना एवं विपक्ष के नेताओं ने अमेरिका का साथ दिया। देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था के लिए इमरान शहबाज सरकार को ही जिम्मेदार ठहराते हैं।
