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पीएम मोदी को मिला गुयाना का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस', राष्ट्रपति इरफान अली ने किया सम्मानित

PM Modi in Guyana: पीएम मोदी को गुयाना ने अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पुरस्कार से सम्मानित किया। एक दिन पहले ही गुयाना और बारबाडोस प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित करने का ऐलान किया था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया।

Highest national award of Guyana: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुयाना ने अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साझा की। एक दिन पहले ही बुधवार को गुयाना और बारबाडोस ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया था। वहीं डोमिनिका ने भी पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया था।

पीएम मोदी को 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' पुरस्कार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्वीट किया, "भारत के लिए एक और उपलब्धि! गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक समुदाय के लिए उनकी असाधारण सेवा, राजनीतिज्ञता और भारत-गुयाना संबंधों को गहरा करने में योगदान के लिए गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया।"

डोमिनिका ने दिया मोदी को सर्वोच्च सम्मान

इससे पहले डोमिनिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोविड-19 महामारी के दौरान कैरेबियाई राष्ट्र में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को बढ़ाने के प्रति उनके समर्पण के लिए अपना शीर्ष पुरस्कार प्रदान किया है। प्रधानमंत्री अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में गुयाना में हैं, और उन्हें बुधवार को यहां भारत-कैरीकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान डोमिनिका के राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन द्वारा "डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर" से सम्मानित किया गया।

नाइजीरिया ने भी दिया अपना सर्वोच्च सम्मान

गुयाना पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया की अपनी यात्रा पूरी की, जहां उन्होंने राष्ट्रपति टीनूबू के साथ सफल द्विपक्षीय वार्ता की। इस यात्रा के दौरान नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री को अपना सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर' (जीसीओएन) प्रदान किया था। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू द्वारा प्रदान किया गया यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी को उनके नेतृत्व और भारत-नाइजीरिया संबंधों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया।

नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने उस मौके पर कहा था, 'मैं आज आपको (भारत के प्रधानमंत्री), नाइजीरिया के राष्ट्रीय सम्मान, ग्रैंड कमांडर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ नाइजर से सम्मानित करूंगा। यह एक भागीदार के रूप में भारत के प्रति नाइजीरिया की प्रशंसा और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'

जीसीओएन प्राप्त करने वाले दूसरे विदेशी गणमान्य

प्रधानमंत्री जीसीओएन प्राप्त करने वाले दूसरे विदेशी गणमान्य व्यक्ति हैं, यह सम्मान पहली बार 1969 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को दिया गया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, डोमिनिका ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन और भारत-डोमिनिका संबंधों को बढ़ावा देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान, 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित करने की घोषणा की थी। बुधवार को ही डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन गुयाना में भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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