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गाजा युद्ध पर समझौते की उम्मीद, ट्रंप बोले- हम बेहद करीब हैं

, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जिस समझौते की बात ट्रंप कर रहे हैं, वह वास्तव में कितना व्यावहारिक और टिकाऊ होगा। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका इस दिशा में कौन-सा ठोस कदम उठाता है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- AP)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका एक बड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस संभावित समझौते से न केवल युद्ध समाप्त हो सकता है, बल्कि बंधकों की रिहाई भी संभव होगी।

व्हाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि गाजा पर हमारा समझौता करीब-करीब तय हो गया है। इस समझौते के जरिए बंधकों को वापस लाया जाएगा और युद्ध का अंत होगा।”'

ट्रंप करते रहे हैं दावा

हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस समझौते में कौन-कौन से पक्ष शामिल होंगे और किन शर्तों पर सहमति बनी है। उन्होंने केवल इतना कहा कि बातचीत “सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है” और जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। गौरतलब है कि ट्रंप पिछले कुछ समय से बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिका की मध्यस्थता से गाजा युद्ध रोकने की दिशा में काम चल रहा है। लेकिन अब तक उनकी पूर्व घोषणाओं का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इस वजह से उनके नए बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता और संदेह दोनों ही बने हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और मानवीय संकट

फिलहाल गाजा में युद्ध से बड़ी संख्या में आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम की अपील कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मानवीय संकट गहराता जा रहा है और तत्काल युद्ध रोकना जरूरी है। अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर इजराइल और अन्य सहयोगी देशों से बातचीत तेज कर दी है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, लक्ष्य यह है कि एक ऐसा समझौता तैयार किया जाए जिससे एक ओर बंधकों की सुरक्षित रिहाई हो सके और दूसरी ओर गाजा में युद्ध की आग को शांत किया जा सके।

ट्रंप पर दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप पर भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका के अंदर कई राजनीतिक दल और मानवाधिकार संगठन उनसे गाजा में तुरंत शांति स्थापित कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वॉशिंगटन की भूमिका को निर्णायक माना जा रहा है।

हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जिस समझौते की बात ट्रंप कर रहे हैं, वह वास्तव में कितना व्यावहारिक और टिकाऊ होगा। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका इस दिशा में कौन-सा ठोस कदम उठाता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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