अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा युद्ध पर अपने देश का रुख मजबूती से रखते हुए कहा कि इजराइल "हमास के खिलाफ काम खत्म करने तक" पीछे नहीं हटेगा। आलोचनाओं और विरोध प्रदर्शनों से घिरे नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ते अलगाव के बावजूद युद्ध रोकने से इनकार कर दिया।
नेतन्याहू की बहिष्कार
भाषण की शुरुआत से पहले कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए, नेतन्याहू का बहिष्कार कर दिया। हालांकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहीं मौजूद रहा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “पश्चिमी नेता दबाव में झुक गए होंगे, लेकिन मैं गारंटी देता हूं कि इजराइल नहीं झुकेगा।” नेतन्याहू ने अपने भाषण में एक नक्शा दिखाया, जिसे उन्होंने "द कर्स" (अभिशाप) नाम दिया था, और बार-बार यहूदी-विरोध की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह कभी खत्म नहीं होता। वह अपने आलोचकों पर अक्सर यहूदी-विरोध का आरोप लगाते रहे हैं।
ट्रंप की प्रशंसा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा की और कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे बदलाव इजराइल के लिए नए अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजराइल ने सीरिया की नई सरकार के साथ सुरक्षा वार्ता शुरू की है।
गाजा के निवासियों को सुनाया अपना भाषण
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, गाजा के निवासियों तक नेतन्याहू का संदेश पहुंचाने के लिए सेना ने सीमा पर लाउडस्पीकर लगाए और मोबाइल नेटवर्क के जरिए उनके भाषण का प्रसारण करने की योजना बनाई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह अभियान कितना सफल रहा।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और युद्ध अपराधों के आरोपों के बीच दिया गया यह भाषण नेतन्याहू के लिए दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास माना जा रहा है।
