Modi in America: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंच चुके हैं। उनका अमेरिका दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर हो रहा है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंचे
भारतीय समुदाय के लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए ब्लेयर हाउस के बाहर एकत्र हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्लेयर हाउस पहुंचे और वहां एकत्र हुए भारतीय प्रवासियों का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'थोड़ी देर पहले वाशिंगटन डीसी पहुंचा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं। हमारे देश अपने लोगों के लाभ और हमारे ग्रह के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।'
भारतीय प्रवासियों ने किया पीएम मोदी का स्वागत
एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि 'सर्दियों की ठंड में गर्मजोशी से स्वागत हुआ। ठंड के मौसम के बावजूद, वाशिंगटन डीसी में भारतीय प्रवासियों ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया है। बहुत ही खास स्वागत। मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।'
डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठ करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ व्यक्तिगत और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह उन चंद विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने के बाद अमेरिका की यात्रा कर रहे हैं। मोदी और ट्रंप की बैठक में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश नीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि कुछ संवेदनशील मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि, मोदी की यात्रा के दौरान क्या एजेंडा होगा, इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बात हो सकती है?
मोदी की यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब ट्रंप 20 जनवरी को पद संभालने के बाद विभिन्न देशों से आयात किए जाने वाले सामान पर शुल्क लगाने की धमकी दे रहे हैं। मोदी की यात्रा से पहले पंजाब के 30 लोगों सहित 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान पांच फरवरी को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था। यह अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित किया जाने वाला भारतीयों का पहला जत्था था। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को दिल्ली में कहा कि जिस तरह से भारतीयों के एक समूह को अमेरिका से वापस भेजा गया, उससे भारत में काफी चिंता, आक्रोश और गुस्सा पैदा हुआ है तथा दिल्ली को वाशिंगटन के समक्ष यह मुद्दा उठाना चाहिए।
भारत ने मोदी की यात्रा के बारे में कहा कि इससे दोनों देशों के बीच ‘‘महत्वपूर्ण साझेदारी’’ को दिशा और गति मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह यात्रा आपसी हित के सभी क्षेत्रों में नये प्रशासन के साथ बातचीत करने का एक ‘‘महत्वपूर्ण मौका’’ प्रदान करेगी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यहां सात फरवरी को प्रेस वार्ता में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा 'भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व को दर्शाती है और यह अमेरिका में इस साझेदारी को दोनों दलों से प्राप्त समर्थन को भी रेखांकित करती है।'
कई द्विपक्षीय मुद्दों पर भी वार्ता होने की उम्मीद
मोदी अमेरिका में व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। मिस्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उन्होंने कहा था कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा के अलावा कई द्विपक्षीय मुद्दों पर भी वार्ता होने की उम्मीद है। विदेश सचिव ने कहा था, 'व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, आतंकवाद-निरोध, हिंद-प्रशांत सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के हितों में स्पष्ट समानता है।'
उन्होंने कहा था, 'अमेरिका में 54 लाख की आबादी वाला भारतीय समुदाय है और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 3,50,000 से अधिक भारतीय छात्र इस संबंध को और मजबूत करते हैं।' विदेश सचिव ने कहा था, 'प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा इस महत्वपूर्ण साझेदारी को अतिरिक्त दिशा और गति प्रदान करेगी। हम उम्मीद करते हैं कि यात्रा के अंत में एक संयुक्त वक्तव्य पारित किया जाएगा, जिसे समय आने पर साझा किया जाएगा।'
