47th ASEAN summit : मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि पीएम मोदी आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कुआलालंपुर नहीं आ रहे हैं। इब्राहिम ने कहा कि इस 47वें शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री वर्चुअली शामिल होंगे। इब्राहिम ने कहा, 'इस महीने के अंत में कुआलालंपुर में आयोजित होने वाले 47वें आसियान शिखर सम्मेलन के बारे में हमने संक्षिप्त बातचीत की। पीएम मोदी ने मुझे बताया कि भारत में दीपावली उत्सव से जुड़े समारोहों की वजह से वह इस सम्मेलन में हिस्सा लेने कुआलालंपुर नहीं आ सकेंगे लेकिन वह वर्चुअल रूप से इस समारोह से जुड़ेंगे। मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं। मैंने उन्हें और समस्त भारतवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।'
26 से 28 अक्टूबर तक चलेगा सम्मेलन
इससे पहले रिपोर्टों में कहा गया कि रविवार से शुरू हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन से संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए पीएम मोदी संभवत: मलेशिया नहीं जाएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर इन बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित हो रहा है। शिखर सम्मेलन से संबंधित विचार-विमर्श में भारत की भागीदारी के स्तर पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जयशंकर करेंगे भारत का नेतृत्व
ऊपर उद्धृत सूत्रों ने बताया कि भारत ने मलेशिया को सूचित किया है कि जयशंकर आसियान बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल माध्यम से भाग लेने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है। मलेशिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ आसियान के कई संवाद साझेदार देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर जाएंगे। आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में एक क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए। ये दिसंबर 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तर की साझेदारी में परिवर्तित हुए। इन संबंधों को 2012 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया।
आसियान में शामिल हैं 10 देश
आसियान के 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया हैं। सूत्रों ने बताया कि शुरुआती योजना के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया के साथ-साथ कंबोडिया की यात्रा पर भी विचार किया जा रहा था, चूंकि वह मलेशिया नहीं जा रहे हैं, इसलिए कंबोडिया की प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई है।
