दुनिया

मैक्रों, मेलोनी, कार्नी से लेकर इन नेताओं से मिले PM मोदी, G-7 में आपसी रिश्ते-सहयोग को और मजबूत बनाने पर हुई चर्चा

जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई इन मुलाकातों के दौरान आपसी संबंधों को नई ऊंचाई और सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कनाडा के अपने समकक्ष मार्क कार्नी के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान पीएम ने जी-7 की मेजबानी सफलतापूर्वक करने के लिए उन्हें बधाई दी।

Image

जी-7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी।

G7 Summit in Canada : कनाडा में चल रहे G-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व के कई बड़े नेताओं के साथ मुलाकात हुई है। शिखर सम्मेलन से इतर उनकी मुलाकात दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं से हुई। इन मुलाकात के दौरान आपसी संबंधों को नई ऊंचाई और सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कनाडा के अपने समकक्ष मार्क कार्नी के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान पीएम ने जी-7 की मेजबानी सफलतापूर्वक करने के लिए उन्हें बधाई दी।

कनाडा के साथ भारत के रिश्ते महत्वपूर्ण-पीएम

कनाडा के साथ भारत के संबंधों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच रिश्ते 'अत्यंत महत्वपूर्ण' हैं। ऐसे में दोनों नेता करीबी सहयोग के साथ काम करने और इस दोस्ती में नई रवानगी लाने के आकांक्षी हैं। कार्नी बीते मई में कनाडा के पीएम बने। इसके बाद उनकी पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा को मिलकर काम करना चाहिए। कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें सहयोग बढ़ाकर दोनों देश लाभान्वित हो सकते हैं।

carney pm

carney pm

ली जे-म्यांग से मुलाकात

अधिकारियों ने बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कनैनिस्किस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग के साथ बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘दोनों नेताओं ने व्यापार और अर्थव्यवस्था, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, हरित हाइड्रोजन, जहाज निर्माण, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में साझेदारी के माध्यम से सहयोग के नए रास्ते तलाश कर भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।’ उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

मैक्सिको की राष्ट्रपति से मिले

मोदी ने मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम पार्डो से मुलाकात की और ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं सहित प्रमुख वैश्वि एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा किए। दोनों नेताओं के बीच यह पहली बैठक थी। जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘भारत-मैक्सिको के मधुर एवं ऐतिहासिक संबंधों को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कनाडा के कनैनिस्किस में 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मैक्सिको की राष्ट्रपति डॉ. क्लाउडियाशीन से मुलाकात की।’

france

france

मैक्रों से भी मिले पीएम

उन्होंने कहा, ‘दोनों पक्षों ने व्यापार, फार्मास्यूटिकल (दवा), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार में भारत-मैक्सिको सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की और ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं सहित प्रमुख वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा किए।’प्रधानमंत्री ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज से भी मुलाकात की। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के अपने मित्र प्रधानमंत्री अल्बनीज से मिलकर अच्छा लगा।’ पीएम ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी बैठक की।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ अपनी बातचीत की एक तस्वीर ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें रामफोसा से बात करके खुशी हुई। इससे पहले ‘जी-7 आउटरीच सेशन’ के लिए यहां पहुंचने पर मोदी का कनाडा के उनके समकक्ष मार्क कार्नी ने स्वागत किया। इससे पूर्व मोदी ने कहा था कि वह जी-7 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं से मुलाकात के दौरान महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं पर जोर देंगे।

melony

melony

‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। बीते एक दशक में मोदी की यह पहली कनाडा यात्रा है। पीएम ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article