PM Modi Israel Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिन के दौरे पर इजरायल पर हैं। उनके दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी का दूसरा दिन भी काफी व्यस्त है। गुरुवार को उनकी इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हेरजाग के साथ मुलाकात होनी है। इसके बाद वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इसके बाद होटल किंग डेविड में दोनों देशों के बीच सहमति पत्रों (MoU) का आदान-प्रदान होगा। यहां प्रधानमंत्री भारत-यहूदी समुदाय के लोगों के साथ बातचीत भी करेंगे। पीएम मोदी होलोकॉस्ट जाकर वहां श्रद्धांजलि देने का भी कार्यक्रम है। इसके बाद शाम करीब छह बजे प्रधानमंत्री स्वदेश के लिए रवाना हो जाएंगे।
इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित किया
बुधवार को इजरायल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। नेतन्याहू पत्नी के साथ पीएम की अगवानी करने के लिए एयरपोर्ट आए। इसके बाद पीएम ने इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित किया। यह पहली बार था जब किसी भारतीय पीएम ने इजरायल की संसद को संबोधित किया। संसद में पीएम मोदी को सम्मान से नवाजा भी गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के लिए नेतन्याहू ने रात्रिभोज का आयोजन किया। इस दौरान इजरायल के पीएम भारतीय परिधान में नजर आए।
रक्षा क्षेत्र में हो सकते हैं कई समझौते
एपी की रिपोर्ट में नेतन्याहू के कार्यालय का हवाला देकर कहा गया है कि दोनों नेता आर्थिक, सुरक्षा और राजनीतिक सहयोग से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। चर्चा यह भी है कि इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली आयरन डोम हासिल करने लिए भारत कोई समझौता कर सकता है।
आंतकवाद शांति के लिए खतरा-पीएम मोदी
बुधवार को इजराइयल की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए 'न्यायपूर्ण और स्थायी शांति' का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजरायइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि 'आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है’। मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक 'सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है’। उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया।
प्रधानमंत्री इजराइल की प्रतिनिधि सभा, नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यहां पहुंचे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इजराइल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया।
'इजरायल के साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है भारत'
मोदी ने कहा, 'मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिनकी दुनिया इस हमले में बिखर गई।’ उन्होंने कहा, 'हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। हम आपके शोक में आपके साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता।’ यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है और इस दौरान मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता सहित कई सांसदों ने भाग लिया।
