प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स में हैं। यहां आज उन्होंने सेशेल्स के तटरक्षक बल (Seychelles Coast Guard) को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel)'PS LESPWAR' सौंपा। इस मौके पर सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भी मौजूद रहे।
सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा PS LESPWAR
विक्टोरिया स्थित कोस्ट गार्ड बेस पर आयोजित समारोह में दोनों नेताओं ने पोत के औपचारिक हस्तांतरण में हिस्सा लिया। विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि यह पोत सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा और हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और गहरा करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सेशेल्स को छह एम्बुलेंस,10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल नौकाएं भी भेंट कीं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सहायता सेशेल्स के विकास, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा ढांचे को सशक्त बनाने में मदद करेगी। मंत्रालय ने कहा कि भारत और सेशेल्स 'विजन MAHASAGAR' (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के तहत समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इससे पहले, सेशेल्स पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय मूल के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे पर भारतीय समुदाय ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें कच्छ का पारंपरिक नृत्य, भरतनाट्यम, भगवान राम को समर्पित भजन और शिव तांडव स्तोत्र की प्रस्तुति शामिल रही।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर स्वागत की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि सेशेल्स में भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को जिस तरह संजोकर रखा है, वह प्रशंसनीय है।
बॉटनिकल गार्डन का भी पीएम मोदी ने किया दौरा
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन का भी दौरा किया, जहां दोनों नेताओं ने पौधारोपण किया और विशाल कछुओं के संरक्षण केंद्र का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।
बता दें कि भारत लंबे समय से सेशेल्स का विश्वसनीय रक्षा साझेदार रहा है। गश्ती पोत, विमान, प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग के माध्यम से भारत लगातार सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका और पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
