Imran Khan : भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने समर्थकों से अगली रैली निकालने का आह्वान किया है। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के समर्थकों से उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन करने के लिए कहा है। खास बात यह है कि कुछ दिनों पहले इमरान के कहने पर पीटीआई समर्थकों ने इस्लामाबाद तक मार्च निकाला। इस दौरान हिंसक प्रदर्शन हुए और कई लोगों की जान गई। हिंसा एवं उपद्रव को देखते हुए खान ने यह प्रदर्शन वापस ले लिया।
पीटीआई समर्थकों से पेशावर में जुटने के लिए कहा
X पर अपने एक पोस्ट में इमरान ने अपने समर्थकों से 13 दिसंबर को पेशावर में जुटने के लिए कहा। पेशावर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी है। इस प्रदेश में पीटीआई की सरकार है। साथ ही उन्होंने 25 नवंबर को आयोजित मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में कम से कम उनके 12 समर्थकों की जान गई। जबकि पिछले महीने नौ मई को हुई हिंसा में 8 लोग मारे गए। उन्होंने गिरफ्तार सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी मांग की।
14 दिसंबर से सविनय अवज्ञा आंदोलन
उन्होंने कहा, 'यदि ये दोनों मांगों नहीं पूरी होतीं तो 14 दिसंबर से से सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत होगी। इस दौरान कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।' वहीं, पाकिस्तान की सरकार ने इमरान खान के दावों को खारिज किया है। सरकार ने 25 मार्च के प्रदर्शन के दौरान किसी भी मौत से इंकार किया है। शहबाज सरकार का कहना है कि पिछले साल नौ मई को हुए प्रदर्शन के दौरान इमरान समर्थकों ने सेना के प्रतिष्ठानों पर हमला किया।
5 सदस्यीय समिति के गठन का ऐलान
इमरान खान ने पांच सदस्यीय वार्ता समिति के गठन का ऐलान किया। इसमें उमर अयूब खान, अली अमीन गंडापुर, साहिबजादा हामिद रजा, सलमान अकरम राजा और असद कैसर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि समिति दो बिंदुओं पर संघीय सरकार के साथ बातचीत करेगी।
