अगली सुनवाई 13 जनवरी, 2025 को तय
पीठ ने कहा, हम कोई भी आदेश पारित करने से पहले सरकार के वकील की सहायता लेना चाहते हैं। अदालत शुरू में याचिका पर नोटिस जारी करने की इच्छुक थी। अदालत को केंद्र के प्रॉक्सी वकील ने बताया कि मामले में पहले सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है इसलिए उन्होंने मामले में नए वकील को नियुक्त करने के लिए कुछ समय मांगा है। इसके बाद पीठ ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 13 जनवरी, 2025 की तारीख तय की।
स्वामी की याचिका में क्या दलीलें
अधिवक्ता सत्य सभरवाल के जरिए दायर याचिका में कहा गया है कि छह अगस्त, 2019 को स्वामी ने मंत्रालय को एक पत्र लिखा था और ब्रिटिश सरकार के सामने राहुल के उस स्वैच्छिक खुलासे का जिक्र किया था, जिसमें कहा गया था कि वह (राहुल) ब्रिटिश नागरिक हैं और वहां का पासपोर्ट रखने के हकदार हैं। स्वामी ने अपनी याचिका में कहा कि कांग्रेस नेता ने भारतीय नागरिक होते हुए भी संविधान के अनुच्छेद नौ और भारतीय नागरिकता अधिनियम का उल्लंघन किया है और इस प्रकार वे भारतीय नागरिक नहीं रह जाएंगे।
स्वामी ने कहा है कि उन्होंने अपनी शिकायत की स्थिति के बारे में पूछताछ के लिए मंत्रालय को कई अभ्यावेदन भेजे हैं, लेकिन न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही उन्हें इसके बारे में सूचित किया गया है।
