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'सऊदी अरब के लिए उपलब्ध हैं हमारे परमाणु हथियार', रक्षा करार पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को कहा कि इस पारस्परिक रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान के परमाणु हथियार सऊदी अरब को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने आधिकारिक एवं सार्वजनिक रूप से अपने परमाणु हथियार के सुरक्षा दायरे में सऊदी अरब के होने की बात कही है।

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ। तस्वीर-AP

Photo : AP

Pakistan-Saudi Arab defence deal: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा सऊदी अरब-पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा करार पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि इस पारस्परिक रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान के परमाणु हथियार सऊदी अरब को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने आधिकारिक एवं सार्वजनिक रूप से अपने परमाणु हथियार के सुरक्षा दायरे में सऊदी अरब के होने की बात कही है।

हमारी सभी क्षमताएं सऊदी के लिए उपलब्ध-आसिफ

जियो टीवी के साथ बातचीत में आसिफ ने कहा, 'पाकिस्तान की परमाणु क्षमता को लेकर मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह क्षमता बहुत पहले जब हमने परीक्षण किए थे तभी हासिल हो गई थी। तब से ही हमारे पास युद्धक्षेत्र के लिए प्रशिक्षित बल मौजूद हैं। हमारे पास जो भी है, हमारी क्षमताएं इस समझौते के तहत बिल्कुल उपलब्ध होंगी।'

'एक पर हमला दोनों देश पर हमला माना जाएगा'

गौरतलब है कि बुधवार को हुए इस समझौते में कहा गया है कि किसी एक देश पर हमला, दोनों पर हमला माना जाएगा। आसिफ ने इसे 'एक छत्र व्यवस्था' बताते हुए कहा, 'अगर किसी भी पक्ष पर किसी भी ओर से आक्रमण होता है, तो उसका संयुक्त रूप से बचाव किया जाएगा और आक्रमण का जवाब दिया जाएगा।' पाकिस्तान को 'स्थायी परमाणु शक्ति' बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके देश की परमाणु स्थापनाएं निरीक्षण के लिए खुली हैं।

सऊदी-पाक के बीच NATO जैसा करार

उन्होंने कहा, 'हमारी सभी परमाणु स्थापनाएं निरीक्षण के लिए खुली हैं। हमें अपनी सुविधाओं के प्रमाणपत्र मिलते हैं। हम एक स्थायी परमाणु शक्ति हैं और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करते।' आसिफ की टिप्पणियों ने इस सप्ताह पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते के महत्व को रेखांकित किया, जिनके बीच दशकों से सैन्य संबंध रहे हैं। सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए इस रक्षा करार को नाटो जैसा बताया जा रहा है। नाटो का अनुच्छेद 5 के तहत यह व्यवस्था है कि इसके किसी भी सदस्य पर हमला होने पर सभी देश मिलकर उस हमले का जवाब देंगे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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