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पाकिस्तान में बिजली का भीषण संकट, 16-16 घंटे हो रही लोडशेडिंग; गैस आपूर्ति ठप होने से गहराया अंधेरा

पाकिस्तान के पंजाब इलाके में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से लोडशेडिंग शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे तक बिजली गुल है, जबकि LNG आयात रुकने से संकट और बढ़ गया है।

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पाकिस्तान में गहराया बिजली संकट (AI Image)

Pakistan Power Crisis: पाकिस्तान में पंजाब के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है। बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण राज्य के कई हिस्सों में भीषण बिजली कटौती (लोडशेडिंग) की खबरें सामने आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है, जहां कुछ क्षेत्रों में 16 घंटे तक बिजली गुल रह रही है।

ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे तक कटौती

मुलतान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (Mepco) के तहत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट सबसे विकराल रूप ले चुका है। मुजफ्फरगढ़ और खानेवाल जैसे जिलों के निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अघोषित बिजली कटौती में भारी वृद्धि हुई है। कई इलाकों में हर घंटे बिजली जा रही है, जिससे दैनिक जीवन और कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

शहरी क्षेत्रों का हाल

लाहौर और फैसलाबाद जैसे बड़े शहरों में भी बिजली संकट का असर दिखने लगा है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों की तुलना में यहां स्थिति थोड़ी बेहतर है। शहरी केंद्रों में रोजाना 3 से 4 घंटे की लोडशेडिंग की रिपोर्ट है। गुजरांवाला इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (Gepco) के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों से भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं।

गैस आपूर्ति में कमी बनी बड़ी वजह

इस संकट के पीछे एक बड़ा कारण ईंधन की कमी बताया जा रहा है। पेट्रोलियम डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बिजली संयंत्रों को दी जाने वाली गैस की आपूर्ति में भारी कटौती हुई है। कतर से होने वाले LNG का आयात 9 मई तक के लिए रुक गया है। फिलहाल बिजली क्षेत्र को केवल 90 मिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन (mmfcd) गैस मिल रही है, जिसके मई में बढ़कर 160 mmfcd होने की उम्मीद है।

अधिकारियों का क्या है पक्ष?

लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (Lesco) के प्रवक्ता ने लाहौर में किसी भी बड़े बिजली घाटे से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिन इलाकों से कटौती की खबरें आ रही हैं, वहां या तो मरम्मत का काम (Scheduled Maintenance) चल रहा है या फिर उन फीडरों पर बिजली काटी जा रही है जहां बिजली चोरी (High-loss feeders) अधिक है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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