Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के तेजतर्रार नेता अली अमीन गांदापुर ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ और अधिक प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। अली अमीन ने उपमहाद्वीप में एक ऐतिहासिक लड़ाई का जिक्र करते हुए शनिवार को कहा, ‘‘हम पानीपत की लड़ाई की तरह हमले जारी रखेंगे। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम जीतेंगे।’’
क्या इमरान खान जेल से बाहर आएंगे?
अली अमीन ने इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर 24 नवंबर को इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी द्वारा किए गए मार्च का जिक्र करते हुए यह बात कही। अली अमीन ने कहा, ‘‘हमने अभी तक सिर्फ पांच हमले किए हैं और बाकी हमले भी जारी रखेंगे।’’
इस्लामाबाद तक मार्च करने की घोषणा
इमरान खान की पार्टी ने अपनी तीन मांगों को लेकर इस्लामाबाद तक मार्च करने की घोषणा की थी। पार्टी जेल में बंद खान और अन्य नेताओं को रिहा करने, आठ फरवरी के चुनाव में पार्टी की जीत को मान्यता देने के अलावा 26वें संविधान संशोधन को निरस्त करने की मांग कर रही है। 26वें संविधान संशोधन ने न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया को बदल दिया था।
इमरान खान, जो पहले क्रिकेट की दुनिया के सितारे थे, राजनीति में कदम रखते ही अपनी नीतियों और विचारों से एक अलग पहचान बनाने में सफल रहे। उन्होंने पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोला, और अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को एक मुख्य राजनीतिक ताकत में बदल दिया। लेकिन जैसे ही उनकी पार्टी ने सत्ता के समीकरणों को चुनौती दी, उनके खिलाफ विभिन्न आरोप और कानूनी मामले सामने आने लगे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की बहस अब पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। उनका राजनीतिक करियर, जो एक समय पाकिस्तान के सत्ता के केंद्र से जुड़ा था, अब एक ऐसे विवाद में फंसा हुआ है, जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के प्रश्नों को उठाता है।
