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नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 1,385, अभी भी 5000 लोग लापता, बचाव कार्य जारी

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, चितवन जिले से कम से कम 364 शव, पूर्वी नवलपरासी से 228, पश्चिमी नवलपरासी से 222 और नुवाकोट से 199 शव बरामद किए गए हैं।

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नेपाल बाढ़ में करीब 1400 लोगों की मौत।

Photo : PTI

Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1,385 हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित जिलों से और शव बरामद किए गए हैं, जबकि 5,000 से अधिक लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण अचानक आयी बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई।

तलाश और बचाव अभियान जारी

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, चितवन जिले से कम से कम 364 शव, पूर्वी नवलपरासी से 228, पश्चिमी नवलपरासी से 222 और नुवाकोट से 199 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह, रसुवा से 185, गोरखा से 77, धाडिंग से 70 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं। एनडीआरआरएमए के अनुसार, बाढ़ के दो पीड़ितों की काठमांडू में इलाज के दौरान मौत हो गई। सुरक्षा कर्मियों की संयुक्त कमांड ने लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी रखा है। लापता लोगों की अनुमानित संख्या 5,130 है। अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 13,676 लोगों को बचाया जा चुका है।

चीन में फंसे 703 नेपाली नागरिक लौटे

'राइजिंग नेपाल’ अखबार की खबर के अनुसार, बाढ़ के बाद चीन में फंसे कम से कम 703 नेपाली नागरिक सिंधुपलचोक के तातोपानी सीमा चौकी के रास्ते अपने देश लौट आए हैं। ये सभी लोग विनाशकारी बाढ़ से पहले काम के सिलसिले में चीन में रह रहे थे। आपदा के कारण केरुंग और रसुवा जिलों में भारी जान-माल के नुकसान के बाद वे केरुंग और तातोपानी सीमा मार्गों से अपने घर लौट आए। जिला प्रशासन कार्यालय, सिंधुपलचोक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, स्वदेश लौटने वाले 703 लोगों में 205 महिलाएं और 498 पुरुष शामिल हैं।

तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता

हिमस्खलन के बाद हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे ले आई जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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