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Pakistan: कश लगाने के लिए अब और ढीली करनी होगी जेब, शहबाज सरकार ने सिगरेट पर लगाया भारी टैक्स

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Feb 15, 2023, 02:58 PM IST

यह पहली बार है जब सरकार ने सिगरेट पर करों में भारी वृद्धि करके तंबाकू क्षेत्र को प्रभावित किया है। फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) ने महंगे ब्रांडों पर शुल्क को 6.5 रुपये प्रति सिगरेट से बढ़ाकर 16.5 रुपये कर दिया है।

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पाकिस्तान आर्थिक संकट

Photo : iStock

पाकिस्तान में महंगाई से हाहाकार के बीच शहबाज सरकार ने जीएसटी की दर को बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया और सिगरेट पर तत्काल प्रभाव से टैक्स बढ़ा दिया, ताकि 170 अरब रुपये के मिनी-बजट में से 115 अरब रुपये एकत्र किए जा सकें। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा सरकार द्वारा भेजे गए अध्यादेश को लागू करने से इनकार करने के बाद संघीय कैबिनेट ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा निर्धारित 6.5 अरब डॉलर के कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए निर्धारित एक और शर्त को लागू करने के लिए यह कदम उठाया है।

आईएमएफ की शर्तें लागू करने की कवायद

लेकिन आईएमएफ केवल स्थायी कर उपायों को स्वीकार करेगा, जिसे सरकार संसद की सहमति हासिल करके सुनिश्चित करेगी। वित्त मंत्री इशाक डार ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि कैबिनेट बैठक के बाद अपने प्रशासनिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संघीय कैबिनेट ने जीएसटी दर में 1 फीसदी से 18 फीसदी की बढ़ोतरी की और सिगरेट पर संघीय उत्पाद शुल्क (FED) की दरों में भी वृद्धि की, जो मध्यरात्रि से 115 अरब रुपये के नए करों को प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया कदम है।

पहली बार सिगरेट पर करों में भारी वृद्धि

यह पहली बार है जब सरकार ने सिगरेट पर करों में भारी वृद्धि करके तंबाकू क्षेत्र को प्रभावित किया है। फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) ने महंगे ब्रांडों पर शुल्क को 6.5 रुपये प्रति सिगरेट से बढ़ाकर 16.5 रुपये कर दिया है यानि इसमें 153% की वृद्धि की गई है। कम महंगे ब्रांडों के लिए प्रति सिगरेग बढ़ोतरी रु.2.55 से रु.5.05 यानी 98% है।

मसौदा विधेयक पेश किया जाएगा

सरकार ने संघीय कैबिनेट में मसौदा विधेयक पेश किया था, जिसे अब मंजूरी के लिए बुधवार (आज) को संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि संघीय कैबिनेट के पास जीएसटी दर बढ़ाने का अधिकार है, जबकि एफबीआर अपने दम पर सिगरेट पर फेड दर भी बढ़ा सकता है। मिनी-बजट के हिस्से के रूप में तुरंत अधिसूचित 115 अरब रुपये के कर उपायों को स्थायी कानूनी कवर प्रदान करने के लिए सरकार ने बुधवार (आज) को नेशनल असेंबली और सीनेट के अलग-अलग सत्र भी बुलाए हैं।

115 अरब रुपये में से कम से कम 55 अरब रुपये सिर्फ साढ़े चार महीने में जीएसटी में 1 फीसदी की बढ़ोतरी से जुटाए जाएंगे। सिगरेट पर फेड में बढ़ोतरी के जरिए सबसे ज्यादा 60 अरब रुपये जुटाए जाएंगे।

राष्ट्रपति ने अध्यादेश जारी करने से किया था इनकारबिक्री कर अधिनियम की तीसरी अनुसूची में उल्लिखित वस्तुओं पर दरों में और बढ़ोतरी होगी लेकिन यह बढ़ोतरी संसद के एक अधिनियम के माध्यम से लागू की जाएगी। डार ने कहा कि प्रशासनिक अधिकार का इस्तेमाल करने का फैसला राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी के राष्ट्रपति अध्यादेश जारी करने पर सहमत नहीं होने के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने संसद का सत्र बुलाने और इन करों को मंजूरी देने की सलाह दी, लेकिन इस प्रक्रिया में आठ से 10 दिन लग जाएंगे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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