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इस देश में आटे की रखवाली के लिए लगा है AK-47 वाला पहरेदार, रोटी के लिए मर रहे लोग

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 9, 2023, 06:03 PM IST

पाकिस्तान के पास आज की तारीख में परमाणु बम भले ही हो, लेकिन उनके पास खाने के लिए रोटी तक नहीं है। हाल ये है कि आटे के लिए लोग एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू हो रखे हैं। महंगाई आसमाम छू रही है और सरकार इसपर काबू पाने में फेल रही है।

भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान... यहां के नेताओं का भाषणा सुन लीजिए तो लगेगा कि कितना अमीर मुल्क है, कितना मजबूत मुल्क है, लेकिन आज हालत ये है कि यहां के लोगों को खाने के लिए रोटी नसीब नहीं हो रही है। आटे की सुरक्षा के लिए सरकार एके-47 से लैस गार्डों की तैनाती कर रही है। आटे के लिए पाकिस्तान में लूटपाट मची है।

आसमान पर कीमत

पाकिस्तान में आटे की कीमत आसमान पर पहुंची हुई। सरकार इससे राहत के लिए सब्सिडी वाला आटा लोगों के लिए लेकर आई है, लेकिन वो भी जनता को नहीं मिल रहा है। 20 किलो वाले सरकारी आटे के पैकेट की कीमत 1200 रुपये है, वहीं बाजार में यह आटा 3100 रुपये में मिल रहा है। यानि कि 155 रुपये किलो।

कई की मौत

सब्सिडी वाले आटे भी लोगों को आसानी से नहीं मिल रहे हैं। यहीं कारण है कि जैसे ही आटे की खबर मिलती है, लोग भागे चले जाते हैं, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति हो जाती है, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं कई घायल हुए हैं। बलूचिस्तान में स्थिति और ज्यादा खराब है। यहां तो लोग रोटी खाने के लिए तरस गए हैं।

एक-47 की रखवाली में आटा

पाकिस्तान में आटे की सुरक्षा के लिए एके-47 से लैस सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं, ताकि इसकी चोरी न हो सके और लोगों तक इसे आसानी से पहुंचाया जा सके। हालांकि गार्ड की सुरक्षा के बाद भी लोग आटे को देखते ही उसपर टूट पड़ रहे हैं। ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिससे साफ पता चल रहा है कि पाकिस्तान में भुखमरी जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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