पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान एक के बाद एक मुसीबतों में फंसते दिख रहे हैं। पहले ही कई मुकदमों का सामना कर रहे इमरान खान को अब कोर्ट से भी झटका लगना शुरू हो गया। सवाल अब ये उठ रहा है कि कहीं इमरान खाम का गेम ओवर तो नहीं होने वाला है?
क्या थी मांग
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें गिफ्ट मामले में उनकी अयोग्यता को तुरंत निलंबित करने की मांग की गई थी। इमरान खान ने विदेशी नेताओं से प्राप्त उपहारों की बिक्री से आय छिपाने के मामले में अयोग्य घोषित करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी थी। इमरान अब अपनी संसद की सदस्यता भी खो दी है।
इमरान खान ने अपनी अपील में कहा था कि चुनाव आयोग के पास भ्रष्ट आचरण पर निर्णय लेने या लोगों को अयोग्य घोषित करने की कोई शक्ति नहीं है और उच्च न्यायालय से अंतिम निर्णय तक आयोग के फैसले को निलंबित करने के लिए कहा था।
क्या है गिफ्ट मामला
2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिलेथे, जो सरकारी भंडार तोशाखाना में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने कानूनों के अनुसार रियायती मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया। ईसीपी को दिए गए इमरान के बयान के अनुसार, उन्होंने खजाने से 21.56 मिलियन रुपये का भुगतान करने के बाद जो उपहार खरीदे थे, उससे उन्हें लगभग 58 मिलियन रुपये मिले।
किसने की शिकायत
सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के सांसदों ने अगस्त में इमरान खान के खिलाफ एक मामला दायर किया था, जिसमें उपहारों की बिक्री से आय का खुलासा करने में विफल रहने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। चुनाव आयोग ने इस मामले में इमरान खान को दोषी पाया और उन्हें पांच साल की अवधि के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
