Pakistan Donkey Meat Export: महंगाई और कमजोर अर्थव्यवस्था के जाल में फंसे पाकिस्तान को अब अपनी डूबती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए एक अजीबोगरीब रास्ता नजर आ रहा है। शहबाज शरीफ सरकार द्वारा जारी हालिया इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, देश में गधों की आबादी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चला है कि पाकिस्तान में गधों की आबादी 2024-25 में 60 लाख से बढ़कर 2025-26 में 62 लाख हो गई है। 2023-24 में यह संख्या 59 लाख थी।
गधे से विदेशी मुद्रा कमाना चाहती है सरकार
साल 2023-24 में जहां गधों की संख्या 59 लाख थी, वहीं पिछले दो सालों में 3 लाख की भारी बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा अब 62 लाख तक पहुंच चुका है। बढ़ती कंगाली के बीच गधों की इस बढ़ती आबादी को शहबाज सरकार एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में देख रही है, जिसके दम पर विदेशी मुद्रा कमाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
ग्वादर में गधा स्लॉटरहाउस को मिली मंजूरी
गधों के भरोसे अपनी इकॉनमी को सहारा देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने अब गधों के मांस और खाल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए बकायदा नया लाइसेंस जारी करते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर ग्वादर में एक नया गधा स्लॉटरहाउस (बूचड़खाना) बनाने की मंजूरी दी गई है।
दरअसल, पड़ोसी देश चीन में गधे के मांस और उसकी खाल की भारी मांग है; चीन में गधे की खाल से 'इजियाओ' (Ejiao) नाम की पारंपरिक दवा बनाई जाती है। आईएमएफ (IMF) के कर्ज और मंदी की मार झेल रहा पाकिस्तान अब इसी चीनी डिमांड का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर गधा एक्सपोर्ट करने जा रहा है, ताकि देश में डॉलर आ सकें और अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।
वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के आर्थिक सर्वेक्षण में बड़ा खुलासा
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब द्वारा गुरुवार को जारी किए गए नए आर्थिक सर्वेक्षण में देश की कंगाली दूर करने के लिए एक अनोखा रोडमैप सामने आया है। इस आधिकारिक दस्तावेज़ में 'गधे के मांस और अन्य उत्पादों के लिए नया निर्यात मार्ग' शीर्षक के तहत गधे के मांस के एक्सपोर्ट को अर्थव्यवस्था के एक संभावित विकास क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई है। सर्वेक्षण में साफ तौर पर कहा गया है कि गधे के मांस, खाल और उससे जुड़े अन्य उत्पादों का निर्यात एक ऐसा विशिष्ट बाजार तैयार करता है, जिसमें आगे बढ़ने की मजबूत संभावनाएं हैं। इसका मुख्य कारण चीन में गधे के मांस, दूध और ईजियाओ (जिलेटिन) की लगातार बढ़ती मांग है, क्योंकि वहां इन चीजों को उनके उच्च पोषण और औषधीय गुणों के लिए बेहद कीमती माना जाता है।
पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि निर्यात की प्रक्रिया को सुगम और आसान बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा और द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही, इस व्यापारिक योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए 'शाहजाद और शाओ' नामक कंपनी को ग्वादर मुक्त क्षेत्र में एक आधुनिक गधा वधशाला स्थापित करने का नया लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।
